गरियाबंद

गरियाबंद के 17,575 हितग्राहियों को मिली 17.57 करोड़ की सहायता राशि
26-Mar-2026 3:46 PM
गरियाबंद के 17,575 हितग्राहियों को  मिली 17.57 करोड़ की सहायता राशि

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

गरियाबंद, 26 मार्च। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में रिमोट के माध्यम से राशि अंतरित करते हुए गरियाबंद जिले के 17 हजार 575 हितग्राहियों के खातों में 17 करोड़ 57 लाख 50 हजार रुपये की राशि भेजी। यह राशि प्रत्येक हितग्राही को 10 हजार रुपये के मान से प्रदान की गई।

बलौदाबाजार के पंडित चक्रपाणि शुक्ल हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के कुल 4 लाख 95 हजार 965 हितग्राहियों को 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई।

जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में राजिम विधायक श्री रोहित साहू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 12 हितग्राहियों को सांकेतिक रूप से राशि हस्तांतरण प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और हितग्राही मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने लाइव प्रसारण के माध्यम से कोदोबदर के हितग्राही नरेश निर्मलकर से संवाद किया। नरेश निर्मलकर ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने अपने नाती की पढ़ाई, मकान निर्माण और अन्य जरूरतों में किया। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचे, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके। उन्होंने सभी हितग्राहियों को बधाई देते हुए योजना को गरीबों के सशक्तिकरण का माध्यम बताया।

इस अवसर पर विधायक रोहित साहू ने कहा कि सरकार अपने वादों को पूरा कर रही है और डबल इंजन की सरकार के तहत प्रदेश में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि सडक़ों, पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्माण के साथ-साथ नागरिकों की सुविधा के लिए कई परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।

कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष  रिखिराम यादव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  लालिमा ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, नाई, धोबी समेत अन्य पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े भूमिहीन परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिल रहा है।


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