गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नवापारा राजिम, 21 मार्च। लंबे समय से छत्तीसगढ़ प्रदेश की धार्मिक संस्कृति को बल पुर्वक बदला जा रहा था जिसको लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के पारित होने को भाजपा ने बड़ा और ऐतिहासिक कदम बताया है। भाजपा नेता एवं सरपंच नेहरू लाल साहू ने कहा कि यह कानून अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाने में ब्रह्मास्त्र साबित होगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बल, प्रलोभन और धोखाधड़ी के माध्यम से धर्मांतरण की शिकायतें सामने आ रही थीं, जिन्हें रोकने के लिए कड़े कानून की आवश्यकता थी। अब नए विधेयक के तहत दोषियों के खिलाफ 7 से 10 वर्ष तक की सजा और न्यूनतम 5 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है। भाजपा नेता एवं सरपंच नेहरू लाल साहू ने बताया कि यदि पीडि़त महिला,नाबालिग,अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से हो, तो सजा बढ़ाकर 10 से 20 वर्ष तक की जाएगी और कम से कम 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास और न्यूनतम 25 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया है,जो वर्ष 1968 के पुराने कानून की जगह लेगा। बदलते समय और परिस्थितियों को देखते यह कानून बेहद जरूरी था। यह कानून समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और धर्म के नाम पर होने वाले गलत कार्यों पर कड़ा नियंत्रण स्थापित करेगा।


