गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
छुरा, 17 जनवरी। आईएसबीएम युनिवर्सिटी के इंस्टिट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के द्वारा राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चलचित्र पर माल्यार्पण एवं छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत के द्वारा किया गया।
डॉ. पूनम वर्मा ने बताया कि भारत सरकार स्टार्टअप को बढ़ावा दे रहा है और इनक्यूबेशन सेंटर तैयार किया जा रहा है। डॉ. पी विश्वनाथन अपने भाषण में हमारे पड़ोससी राष्ट्र चीन टेक्नोलॉजी, ग्रोथ, डेवलपमेंट का मुख्य कारण स्टार्टअप से हुआ है । छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. विश्वास ने बताया कि बच्चों को बचपन से ही उनके कौशल विकास को विकसित करना उसे सपोर्ट करना, ग्रोथ करना बहुत जरूरी है।
आईआईसी के प्रेसिडेंट आईक्यूएसी निदेशक डाँ. एन कुमार स्वामी ने अपने संबोधन में कहा कि उद्यमिता एवं नवाचार के माध्यम से ही हम विश्व गुरु बन सकते हैं और विकसित भारत 2047 के सपने को पूरा कर सकते हैं। स्टार्टअप के माध्यम से हम नौकरी करने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनेंगे।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. उपाध्याय ने कहा कि छोटे-छोटे विचारों के माध्यम से हम स्टार्टअप की शुरुआत कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय की कुल सचिव डॉ बी.पी. भोल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी रिस्क लेकर शेयर मार्केट में पैसा इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं। अमूल कंपनी एक दिन में 20 पैकेट बनाने से हजारों पैकेट तक का सफर । आज विश्व भर में अमूल के प्रोडक्ट बेचा जा रहा है यह सब स्टार्टअप का ही देन है। नवाचार एवं उद्यमिता से स्वयं का विकास तो होता ही है, अपितु राज्य, राष्ट्र का जीडीपी भी बढ़ता है, आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
प्रथम मुख्य वक्ता अंकित रजक जी ने स्टार्टअप की दुनिया में भारत तीसरा सबसे ज़्यादा स्टार्टअप वाला देश बन गया है युवा सोच, अलग पहचान यह सभी आपको आगे ले जाता है।
द्वितीय मुख्य वक्ता प्रिया पांडे ने अपने स्टार्टअप की शुरुआत दो प्रोडक्ट से किया आज उन्होंने 30 से 40 प्रोडक्ट और सदस्य इस स्टार्टअप में काम कर रहे हैं।
शिखर न्यूज़ के संपादक नारायण दुबे ने अपने शिखर न्यूज़ की शुरुआत स्टार्टअप से किया और आज उनका शिखर न्यूज़ महासमुंद ही नहीं अपितु पूरा भारत देश में फैल गया है।
कार्यक्रम का समापन संबोधन एवं संयोजन फार्मेसी विभाग के विभागाध्यक्ष श्री युगल किशोर राजपूत के द्वारा किया गया । कार्यक्रम का सफल मंच संचालन सुश्री सुकृति पाठक द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रमुखत: रूप से फार्मेसी विभाग के विभागाध्यक्ष युगल किशोर राजपूत, राजेन्द्र कुमार साहू, अश्वनी कुमार साहू, डां. ओमप्रकाश साहू, प्रतिभा जायसवाल , डॉली यदु , विकास कुमार साहू, सभी लैब इंचार्ज का विशेष सहयोग रहा। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ विनय एम अग्रवाल, कुलपति डॉ. आनंद महलवार, कुलसचिव डॉ. बी पी भोल, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डाँ. शुभाषिस विश्वास, अकादमिक डीन डाँ. एन. के. स्वामी सभी ने फार्मेसी विभाग को बधाई दी एवं आगे भी इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रोत्साहित और सहयोग किया जाएगा।


