गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 28 दिसंबर। गरियाबंद जिला सहित राज्यों में कार्यरत हजारों डी.एड. एवं समकक्ष योग्यताधारी शिक्षकों ने प्रमोशन में आ रही बाधाओं को लेकर बी.एड ब्रिज कोर्स शुरू किए जाने की मांग की है। इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा, शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ के सचिव, एससीईआरटी एवं लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ को ज्ञापन भेजा गया है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष परमेश्वर निर्मलकर व प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने सयुक्त ज्ञापन में भी बताया गया है कि वर्तमान में प्राथमिक सहायक शिक्षक एवं पूर्व माध्यमिक शिक्षक पद पर कार्यरत बड़ी संख्या में शिक्षक केवल डी.एड. या समकक्ष योग्यता रखते हैं। हालिया न्यायिक निर्णयों एवं एनसीटीई के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राथमिक सहायक शिक्षक के प्रमोशन के लिए बी.एड की अनिवार्यता लागू की गई है, जिससे हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं और उनका पदोन्नयन रुका हुआ है।
शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी डी.एड. प्रशिक्षित शिक्षकों के लिए बी.एड ब्रिज कोर्स ही व्यावहारिक समाधान है। इसके माध्यम से उन्हें आवश्यक शैक्षणिक योग्यता प्राप्त हो सकेगी और प्रमोशन की राह खुलेगी। मांग की गई है कि प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) एवं पूर्व माध्यमिक स्तर में कार्यरत डी.एड. या समकक्ष योग्यता रखने वाले शिक्षकों के लिए अनिवार्य 6 माह का बी.एड ब्रिज कोर्स संचालित किया जाए। शिक्षक संगठनों ने शासन और संबंधित संस्थाओं से सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है, ताकि प्रदेश के हजारों शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके और शिक्षा व्यवस्था में अनुभवी शिक्षकों का योगदान बना रहे।


