गरियाबंद

सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे गुरु घासीदास-रोहित
20-Dec-2025 5:04 PM
सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे गुरु घासीदास-रोहित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 20 दिसंबर । छुरा विकासखंड के ग्राम पोंड़ में सतनामी समाज द्वारा संत बाबा घासीदास जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। उक्त जयंती समारोह में राजिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोहित साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस दौरान अति विशिष्ट अतिथि के रूप में छुरा जनपद अध्यक्ष श्रीमती मीरा ठाकुर, जिला पंचायत सभापति शिवांगी चतुर्वेदी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि जनपद उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुमित पारख, सरपंच कौशल्या कंवर तथा समाज के गणमान्य लोग उपस्थित हुए।

मुख्य अतिथि विधायक रोहित साहू ने सर्वप्रथम जैतखंभ एवं बाबा गुरु घासीदास की पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों की सुख, समृद्घि और खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने ऊंच-नीच के भेद भाव को मिटाने के लिए सामाजिक समरसता का संदेश दिया है। वे सामाजिक समरसता के अग्रदूत हैं। घासीदास जी के उपदेश समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए वर्तमान युग में भी आवश्यक हैं। गुरु घासीदास जी के व्यक्तित्व-कृतित्व एवं शिक्षाओं को समझकर अपने व्यवहार में लाने की आवश्यकता है। वे सामाजिक समरसता के प्रणेता हैं।

जिला पंचायत सदस्य शिवांगी चतुर्वेदी ने कहा कि बाबा घासीदास जी के बताए मार्ग पर चलने से ही सामाजिक कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा। बाबा गुरु घासीदास ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश देकर विभिन्न समाजों को एक माला में पिरोने का कार्य किया।

जनपद अध्यक्ष मीरा ठाकुर ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने अपने प्रेरक संदेश में कहा था कि सत्य ही मानव की असली आभूषण है। सत्य के संदेश को अपने आचरण में उतारकर सतगुणी बनने की उन्होंने प्रेरणा दी थी। उनके विचार सिर्फ एक समाज नहीं अपितु संपूर्ण मानव समाज के लिए है।
इस दौरान बालचंद बंजारे, ढालचंद चंदनिहा, वेगेंद्र बांधे, लोमश बांधे, पोखराज बांधे, रजनीश चन्दनिहा,घासीराम साहू, कृपा राम सिन्हा, बरातू साहू, लोचन निर्मलकर, बिसहत,साहू, राजेंद्र साहू, लोमश ध्रुव, यशपाल ध्रुव, कुलेश्वर ध्रुव,देवी सिंह ध्रुव, अशोक कश्यप,दिलीप यादव, गोवर्धन साहू, बिसौहा निर्मलकर,श्रीराम बांधे दीनू राम सिन्हा, टोरिया बाई, गौरी निर्मलकर आदि सहित बड़ी संख्या में सतनामी समाज के लोग व ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


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