दुर्ग

बायोमेट्रिक अटेंडेंस पर ध्यान दें अफसर-कलेक्टर
11-Feb-2026 9:18 PM
बायोमेट्रिक अटेंडेंस पर ध्यान दें अफसर-कलेक्टर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

दुर्ग, 11 फरवरी। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कलेक्टोरेट सभा कक्ष में अधिकारियों की बैठक में लंबित समय-सीमा प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

 उन्होंने कहा कि अधिकारी बायोमेट्रिक अटेंडेंस पर विशेष ध्यान देवें। निर्धारित समय के पूर्व कार्यालय पहुंचकर स्वयं की उपस्थिति बायोमेट्रिक अटेंडेंस के माध्यम से सुनिश्चित करें। साथ ही अधिनस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों को भी समय पर कार्यालय पहुंचकर और उपस्थिति बायोमेट्रिक अटेंडेंस में दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने मौके पर जिला कार्यालय में अधिकारी/कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति का अवलोकन किया। विलंब से पहुंचने वाले और प्रक्रिया के प्रति उदासीन बरतने वालों पर नाराजगी व्यक्त किये।

उन्होंने कहा कि सभी कार्यालयों में अधिकारी स्वयं सुबह 10 बजे से पूर्व पहुंचना सुनिश्चित करें, ताकि मातहत कर्मचारी भी समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर सकें। कलेक्टर ने कार्यालयों की संचालन प्रणाली हेतु ई-ऑफिस पर जोर देते हुए कहा कि सभी कार्यालयों में नई फाइले ऑनलाईन ई-ऑफिस के माध्यम से बनायी जाए। अधिकारी अधीनस्थ कार्यालयों में भी अधिकारी/कर्मचारी व ऑनबोर्डिंग की व्यवस्था कर ई-ऑफिस प्रणाली संचालित करें। विभागों के अधिकारी/कर्मचारियों की गोपनीय प्रतिवेदन ऑनलाईन ई-ऑफिस के माध्यम से बनेगी। कलेक्टर ने अवगत कराया कि जिले के राशन दुकानों में 20 तारीख को चावल उत्सव मनाया जाएगा।

उन्होंने नान और खाद्य विभाग के अधिकारियों को समय पूर्व सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में चावल का भण्डारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों और स्कूली बच्चों का जिनका अभी तक आधार कार्ड नहीं बना है, उसके लिए शिविर लगाकर आधार कार्ड बनाये जाएंगे। इस दौरान ऐसे बच्चे जिनका जन्म प्रमाण पत्र नहीं बन पाया, उन बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में स्वीकृत आंगनबाड़ी भवन की जानकारी ली। साथ ही निर्माण कार्य एजेंसी विभागों को शीघ्र निर्माण प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। 

उन्होंने कहा कि जिले के सभी स्कूलों में बालिका शौचालय की व्यवस्था हो, ऐसे स्कूल जहां बालिका शौचालय नहीं है, वहां निर्माण हेतु जिला शिक्षा अधिकारी शासन को प्रस्तावित करें। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को संबंधित क्षेत्र में संचालित खदानों का सीमांकन करने तथा अवैध खनिज उत्खनन पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी एसडीएम और तहसीलदार को अवैध उत्खनन के मौका-निरीक्षण के दौरान जितना उत्खनन हुआ है घनमीटर माप कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अवैध उत्खनन के माप अनुसार ही जुर्माना अधिरोपित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व के सभी अविवादित प्रकरण ग्राम पंचायत से हस्तांतरित होना है। सभी एसडीएम इस हेतु आवश्यक पहल करना सुनिश्चित करें। पीएचई विभाग द्वारा जिन गांवों में नल-जल योजना अंतर्गत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुकी है, उसे पंचायत को हैंडओवर किया जाना है। योजना के संचालन हेतु संबंधित जनपद पंचायत के माध्यम से नल-जल मित्र का चयन किया जाना है।


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