दुर्ग

31 लाख क्विंटल धान अभी भी उपार्जन केन्द्रों में खुले आसमान के नीचे
11-Feb-2026 4:33 PM
31 लाख क्विंटल धान अभी भी उपार्जन  केन्द्रों में खुले आसमान के नीचे

 तेज धूप में सूखत से नुकसान की संभावना, समिति कर्मचारियों में रोष
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 11 फरवरी।
उपार्जन केन्द्रों से धान उठाव की सुस्त गति समितियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। जिले के उपार्जन केन्द्रों में 31 लाख क्विंटल से अधिक धान अभी भी खुले आसमान के नीचे पड़ा है। तेज धूप से इसमें सूखत से नुकसान की संभावना को लेकर समिति कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार जिले के 87 सहकारी समितियों के अंतर्गत 102 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से खरीफ वर्ष 2025-26 में किसानों से कुल 55 लाख 90 हजार 648 क्विंटल धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी हुई है। इनमें से अब तक 22 लाख 66 हजार 781 क्विंटल धान का मिलर्स ने उठाव किए हैं। वहीं 1 लाख 90 हजार 245 क्विंटल धान का उपार्जन केन्द्रों से परिवहनकर्ताओं द्वारा उठाव कर संग्रहण केन्द्रों में प्रदाय किया गया है। उपार्जन केन्द्रों में 31 लाख 33 हजार 722 क्विंटल धान शेष है। अभी भी उपार्जन केन्द्रों से 121 मिलर्स ही धान उठाव कर रहे हैं जबकि 142 पंजीकृत है।

सहकारी समिति कर्मचारियों का कहना है कि अभी भी उपार्जन केन्द्रों से मिलर्स एवं परिवहनकर्ताओं द्वारा धान उठाव की गति कमजोर है। लंबे समय तक मिलर्स से धान उठाव पर रोक की वजह से उपार्जन केन्द्रों में जाम धान काफी अधिक है। वर्तमान में सूर्य की किरणों की प्रखरता बढऩे से उपार्जन केन्द्रों में रखे धान सूख रहे हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान उठाव की धीमी गति के चलते इस बार सूखत आना लगभग तय है। यदि सूखत मान्य नहीं किया गया तो सूखत के चलते नुकसान के कारण समिति आर्थिक रूप से कमजोर होंगे, इससे समिति कर्मचारियों की दिक्कतें बढ़ेंगी।


अन्य पोस्ट