दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 31 जनवरी। दुर्ग शहर जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत मजदूरों, किसानों एवं ग्रामीण परिवारों से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से मनरेगा योजना में किए गए बदलावों तथा धान खरीदी प्रक्रिया में हो रही देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
धरना प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि मनरेगा योजना वर्षों से ग्रामीण गरीबों और मजदूर वर्ग की आर्थिक रीढ़ रही है, लेकिन वर्तमान में इसके नाम एवं स्वरूप में किए गए बदलाव, कार्य दिवसों में कटौती और जटिल प्रक्रियाओं के कारण मजदूरों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल पा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है और पलायन की स्थिति बन रही है। इसी प्रकार प्रदेश में धान खरीदी की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
लगभग 20 प्रतिशत किसान आज भी अपनी उपज बेचने से वंचित हैं, क्योंकि उन्हें अब तक टोकन नहीं मिल पाए हैं। इससे किसान आर्थिक संकट और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि मनरेगा योजना के नाम एवं स्वरूप में किए गए बदलाव तत्काल वापस लेकर मनरेगा के पूर्व निर्धारित कार्य दिवसों को बहाल किया जाए धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाकर सभी किसानों को उनका अधिकार दिलाए। ज्ञापन सौंपने के पश्चात कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में लगभग 5 मिनट का सांकेतिक चक्का जाम भी किया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक अरुण वोरा, राजेंद्र साहू, राजेश यादव, आर.एन. वर्मा, संजय कोहले, अल्ताफ अहमद, गुरदीप भाटिया, आनंद ताम्रकार, मनीष बघेल, विजयंत पटेल, हेमंत तिवारी, सुमित घोष, राजकुमार वर्मा, शिवाकांत तिवारी, फ़तेह सिंह भाटिया,अनूप वर्मा, गणेश सोनी, शिशिर कसार, मुकेश साहू, छोटू यादव, आयुष शर्मा, प्रकाश जोशी, श्रद्धा सोनी, निकिता सिंह,यश बाकलीवाल, लोकेश चक्रधारी एवं राज पटले सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।


