दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
उतई, 13 जनवरी। भारतीय जनता पार्टी की जिला उपाध्यक्ष हर्षा लोकमनी चंद्राकर ने मनरेगा को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ में मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगा रही है, जबकि उनके अनुसार यह आरोप तथ्यात्मक नहीं हैं। हर्षा लोकमनी चंद्राकर ने अपने बयान में कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मनरेगा में भ्रष्टाचार, फर्जी जॉब कार्ड और भुगतान में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा में पारदर्शिता लाने के लिए आधार आधारित भुगतान, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और डिजिटल निगरानी जैसी व्यवस्थाएं लागू की हैं, जिससे मजदूरी सीधे मजदूरों के खातों में पहुंचती है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 125 दिनों के रोजगार, समय पर काम उपलब्ध न होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता, और डिजिटल माध्यमों से निगरानी की व्यवस्था की गई है। उनके अनुसार इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य मजदूरों को लाभ पहुंचाना है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने यह भी कहा कि मनरेगा के तहत जल संरक्षण, तालाब निर्माण, सडक़ मरम्मत और ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे कार्यों को जोड़ा गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़े हैं।
कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके शासनकाल में मजदूरी भुगतान में देरी और अन्य शिकायतें क्यों सामने आती थीं।
हर्षा लोकमनी चंद्राकर ने कहा कि वर्तमान में जनता सरकार के कामकाज को देख रही है और उसी के आधार पर अपना विश्वास व्यक्त कर रही है।


