दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 13 जनवरी। जिला कांग्रेस कमेटी ने स्वामी विवेकानंद की जयंती विवेकानंद भवन में जिला कांग्रेस दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, पूर्व विधायक अरुण वोरा की उपस्थिति में कांग्रेसियों ने उनको पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। देश में उनके महत्वपूर्ण योगदान का स्मरण किया।
जिला कांग्रेस दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि विवेकानंद ने बचपन से ही धर्म और आध्यात्मिकता के प्रति झुकाव दिखाया। 18 वर्ष की आयु में, वे रामकृष्ण से मिले और उनके समर्पित शिष्य बन गए, और बाद में संन्यासी (त्यागी) के व्रत ग्रहण किए। रामकृष्ण की मृत्यु के बाद, विवेकानंद ने घुमंतू भिक्षु के रूप में भारतीय उपमहाद्वीप में व्यापक यात्रा की, और तत्कालीन ब्रिटिश भारत के अधीन भारतीय जनता द्वारा झेली जा रही कठिन जीवन स्थितियों का प्रत्यक्ष ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने सामाजिक सेवाओं की स्थापना करके उनकी पीड़ा को कम करने का मार्ग खोजा, लेकिन उनके पास पूंजी की कमी थी।
पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद शिकागो में अपनी सफलता के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और महाद्वीपीय यूरोप में व्यापक रूप से व्याख्यान दिए, और हिंदू दर्शन के आवश्यक सिद्धांतों का प्रसार किया। उन्होंने न्यूयॉर्क की वेदांत सोसायटी और सैन फ्रांसिस्को की वेदांत सोसायटी (अब उत्तरी कैलिफोर्निया की वेदांत सोसायटी) की स्थापना की। ये दोनों ही पश्चिम में बाद की वेदांत सोसायटियों की नींव बनीं।
विवेकानंद की जयंती पर उनको श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व महापौर आरएन वर्मा, प्रदेश सचिव दीपक दुबे, ब्लाक अध्यक्ष अलताफ अहमद, नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले, अजय मिश्रा, राजकुमार पाली, प्रवक्ता नासिर खोखर, सुशील भारद्वाज, रत्ना नारमदेव, फतेह सिंह भाटिया, अजय मेहरा, संजय बत्रा, कमलेश नागर, ऐनी पीटर, गणेश सोनी, प्रशांत गोडबोले, गुरदीप सिंह भाटिया, भास्कर कुंडले, ज्ञान दास बंजारे, मनोज सिन्हा, केडी देवांगन, अंश चतुर्वेदी, मुकीम खान उपस्थित थे।


