दुर्ग
किरण देवी संचेती ने साध्वी मंडल को 79 उपवास की तपस्या की भेंट
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 7 नवंबर। चार माह तक चातुर्मास में ज्ञान ध्यान त्याग तपस्या जप अनुष्ठान की अलख जगाने वाले साध्वी समुदाय का अंतिम प्रवचन हुआ। इस दौरान धर्मसभा में चातुर्मास में विशेष सहयोग करने वाले, धार्मिक ज्ञान सीखने वालों का स्वागत अभिनंदन किया गया जिसमें नेमीचंद चोपड़ा, नवीन संचेती, नितिन संचेती, सूरजमल कांकरिया प्रमुख रुप से शामिल थे।
जय आनंद मधुकर रतन भवन बांधा तालाब में आयोजित धर्मसभा में श्रमण संघ महिला मंडल एवं जय आनंद मधुकर रतन पाठशाला के बच्चों ने गीतों से भावनात्मक प्रस्तुति दी। कृतज्ञता सभा में निर्मल बाफना प्रवीण श्रीश्रीमाल पारसमल संचेती, नीलम बाफना, दिनेश बाफना, यश चंचल, रतन बोहरा, रचिता श्रीश्रीमाल, प्रकाश रतन बोहरा ने भी अपने भाव रखे।
चातुर्मास लगने के साथ ही नवकार महामंत्र नवपद का जप अनुष्ठान प्रारंभ था जप अनुष्ठान में स्वध्यायी किरण देवी संचेती का 79 उपवास की उग्र तपस्या पर श्रमण संघ परिवार ने हर्ष और उल्लास के वातावरण में चातुर्मास के अंतिम दिवस पर अभिनंदन किया अपने जीवन काल में श्रीमती संचेती ने की मासक्षमण की तपस्या सम्पन्न की है। साध्वी समुदाय श्रमण संघ परिवार के सदस्यों के साथ पहुंच कर उनके आपापुरा निवास में मंगल पाठ सुनाकर भीक्षा ग्रहण की किरण देवी संचेती के तपस्या का पारणा न करते हुए अभी अपनी तपस्या जारी रखने के भाव व्यक्त किया है।
धर्म सभा का संचालन संघ के मंत्री राकेश संचेती तथा टीकम छाजेड़ ने किया। श्रमण संघ के अध्यक्ष धर्मचंद लोढ़ा, ने संघ के उत्थान और अधिक समर्पण लाने अपने भाव व्यक्त किया।
जयमल जी महाराज की दीक्षा जयंती 2 सामायिक व एकासना तप के साथ मनाई जाएगी। साध्वी समुदाय के सानिध्य में आचार्य सम्राट जयमल महाराज की दीक्षा जयंती दो सामायिक एवं एकासना तप के साथ महावीर भवन महावीर कालोनी में गुणानुवाद सभा के रूप में मनाई जा रही है। संघ के अध्यक्ष धर्मचंद लोढ़ा एवं मंत्री राकेश संचेती ने सभी वर्ग के लोगों से उपस्थिति का आह्वान किया है।


