दुर्ग

सीमा सुरक्षा बल का आदिवासी युवा आदान-प्रदान का पहला जत्था कांकेर व नारायणपुर से लखनऊ रवाना
24-Sep-2025 9:30 PM
सीमा सुरक्षा बल का आदिवासी युवा आदान-प्रदान का पहला जत्था कांकेर व नारायणपुर से लखनऊ रवाना

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 24 सितंबर
। 17वाँ आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत मंगलवार को जिला कांकेर एवं नारायणपुर छत्तीसगढ़ के अति दुर्गम एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से 20 आदिवासी युवा लडक़े एवं 20 युवा लड़कियों के पहले जत्थे को रायपुर रेलवे स्टेशन से लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के लिए रवाना किया गया। सीमा सुरक्षा बल के 02 पु़रूष सुरक्षा अधिकारी और 02 महिला सुरक्षा अधिकारी भी इनके साथ रवाना हुए। ये जत्था लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में भारत के विभिन्न राज्यों के अन्य आदिवासी युवाओं से मिलकर अन्य राज्यों की संस्कृति से रूबरू होगा।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत आदिवासी युवक एवं युवतियों को उनके उज्ज्वल भविष्य तथा अधिकारों के बारे में उचित व उपयुक्त जानकारी प्रदान की जायेगी, साथ ही साथ अन्य राज्यों से भाग लेने वाले युवक-युवतियों के बीच मेल-मिलाप बढ़ेगा, जिससे वे एक-दूसरे के खान-पान, रहन-सहन, सांस्कृतिक गतिविधियाँ एवं वेषभूषा से रूबरू होंगे। इस कार्यक्रम में सभी राज्यों के स्थानीय लोक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जायेगी। साथ ही लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के प्रसिद्ध, दर्शनीय एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
मेरा युवा भारत, नई दिल्ली, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार एवं गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वाधान में 17 वाँ आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रत्येक आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम की अवधि 07 दिन है। छत्तीसगढ़ के कांकेर और नारायणपुर जिले में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के नक्सल प्रभावित इलाके से इस वर्ष कुल 25 भ्रमण कार्यक्रमों के अतंर्गत 18 से 22 वर्ष आयु वर्ग के 650 चयनित युवा भाग ले रहे है। इस आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियों में संवैधानिक अधिकारियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ संवाद सत्र, पैनल चर्चा, व्याख्यान सत्र, भाषण प्रतियोगिता, कैरियर संबंधी मार्गदर्शन, चल रहे खेल आयोजनों के बारे में जानना शामिल है।
इसके अलावा प्रतिभागी लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के उद्योगो एवं सुरक्षा बलों के कैम्पो का भी भ्रमण करेंगे।


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