दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 29 अक्टूबर। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे औचक निरीक्षण पर दुर्ग तहसील आफिस पहुंचे. उन्होंने कार्यालय के सभी रीडरों से प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने टेबल पर मौजूद फाइलें और आलमारी में रखी फाइलें दोनों देखी। उन्होंने तहसील कार्यालय में लगभग एक घंटे का निरीक्षण किया। एक टेबल में कुछ फाइल ऐसी रखी थी, जिन्हें तीन दिन हो गए थे और जिन्हें पंजीकृत कर अग्रेषित नहीं किया गया था। रीडर पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर ने इन्हें नोटिस देने के निर्देश एसडीएम विनय पोयाम को दिए।
उन्होंने कहा कि राजस्व आवेदनों के निराकरण में एक-एक दिन बेहद महत्वपूर्ण है और तहसीलदारों की जिम्मेदारी हैं कि यह देखें कि प्रक्रिया में एक दिन का विलंब भी नहीं हो। डिप्टी कलेक्टर्स इसकी नियमित मानिटरिंग करते रहे। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना, संयुक्त कलेक्टर प्रवीण कुमार भी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा कि डिप्टी कलेक्टर्स रोटेशन सिस्टम के आधार पर तहसील कार्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल प्रकरणों के निराकरण से संबंधित पूछताछ तक सीमित नहीं होना चाहिए। आप बस्ता निकालिये, आलमारी देखिये। हर प्रकरण पर नजर डालिये। देखिये प्रकरणों के निराकरण की दिशा में किस तरह से कार्य हो रहा है। उन्होंने परिसर में मौजूद सभी कोर्ट में प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा जानी। इस पर एसडीएम विनय पोयाम ने विस्तार से आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व हुई समीक्षा बैठक में भी कलेक्टर ने रोटेशन के आधार पर तहसील कार्यालयों के निरीक्षण के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं जिसके बाद रोटेशन चार्ट बनाया गया है।


