दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 19 सितंबर। विवाह के अवसर पर हैसियत के अनुसार दिए गए दहेज के बाद भी ससुराल में दहेज को लेकर पीडि़ता को प्रताडि़त किया गया। लोन चुकाने के लिए उस पर नौकरी करने एवं पैसा कमाने के लिए शारीरिक व मानसिक दबाव दिया गया। ससुराल वालों द्वारा प्रताडि़त करने के बाद पीडि़ता को घर से निकाल दिया गया। तब से वह अपने मायके में ही निवास कर रही थी। पीडि़ता की शिकायत पर महिला पुलिस ने पीडि़ता के पति, ससुर, सास एवं दो ननद के खिलाफ धारा 498 ए, 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया है।
मरोदा सेक्टर भिलाई स्थित मायके में रह रही पीडि़ता का विवाह 3 दिसंबर 2017 को नीरज कुमार देशमुख पिता झनक लाल देशमुख निवासी कल्पतरू हारमोनी वाकड़ पुणे महाराष्ट्र के साथ सामाजिक रीति रिवाज से संपन्न हुआ था। शादी में पीडि़ता के माता-पिता ने अपनी हैसियत के अनुसार उपहार दिए थे। जब पीडि़ता अपने ससुराल गई तब एक माह पश्चात ही पति, ससुर, सास और दोनों ननंद विवाह में कम दहेज लाने उसके रंग रूप एवं शिक्षा एवं बेरोजगार होने को लेकर तनाव देने लगे थे। विवाह के समय मायके वालों ने जो रकम दिए थे। पति ने वह रकम अपनी आवश्यकता बताते हुए अपने पास रख लिया था। इसके बाद पीडि़ता को परेशान करते हुए दोनों ननंद अपने घर में घरेलू काम के लिए बुलाती थी। पति का स्थानांतरण औरंगाबाद हो जाने पर वह पति के साथ औरंगाबाद चली गई। वहां पर उसका पति नीरज कुमार उसे कहने लगा कि वह उसे नहीं चाहता है और परिवार वाले भी उसे पसंद नहीं करते हैं। मेरे ऊपर होम लोन है उसे तुम किसी भी तरह पटाओ, तभी मैं तुम्हें अपने साथ रखूंगा। इसके बाद पति ने उसे ससुराल में रख दिया और ससुराल वाले उसे मायके भेज दिए। तब से पीडि़ता अपने मायके में ही रह रही थी।


