दुर्ग

गर्भावस्था ही बच्चों के विकास की नींव
18-Sep-2021 6:30 PM
गर्भावस्था ही बच्चों के विकास की नींव

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
उतई, 18 सितंबर।
वर्तमान में पोषण व्यवहार की समझ व  जागरूकता की कमी  के कारण देश मे हर दूसरा बच्चा कुपोषण व महिला खून की कमी से प्रभावित है। ऐसे में बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए गर्भावस्था से बच्चे के 2 वर्ष तक का 1000 दिवस स्वस्थ्य समाज व स्वस्थ्य राष्ट्र के लिए  बहुत महत्त्वपूर्ण होता है। 

इसी उद्देश्य को लेकर राष्ट्रीय पोषण माह के तहत एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग ग्रामीण के  ग्राम पंचायत करगाडीह 17 सितंबर को महिला जागृति शिविर का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम इस प्रकार के शिविर आयोजन के पीछे सरकार की मंशा और उद्देश्यों को बताते हुए अजय कुमार साहू, बाल विकास परियोजना अधिकारी दुर्ग ग्रामीण ने कहा कि स्वस्थ समाज की यदि नींव रखना है, तो माता के गर्भावस्था काल से ही रखा जा सकता है। इसी समय ही बच्चे के सभी अंग , मांस पेशियां के साथ साथ ही बुद्धि का विकास भी प्रारंभ हो जाता है। 

बच्चा कितना शारीरिक तथा मानसिक रूप से मजबूत रहेगा इसका निर्धारण होना प्रारंभ हो जाता है । यदि इस समय माता खानपान में ध्यान नही रखती हैतो बच्चे का विकास प्रभावित होता है यदि बच्चा एक बार कमजोर पैदा हुआ, तो उसे ताउम्र शारीरिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस कारण इस समय पूरा ध्यान परिवार को मिलकर रखना चाहिए जिससे परिवार हमेशा खुशमय व सुखमय रह सके। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हर्ष साहू समाज सेवी दुर्ग ने सभी महतारी जन को अपने स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी गई तथा शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।  विशेष अतिथि शालिनी यादव द्वारा बाल विकास परियोजना दुर्ग ग्रामीण के द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ को बधाई देते हुए कहा कि विभाग बेटी की शादी से लेकर बच्चे के 6 वर्ष तक एक अभिभावक की तरह कार्य करता है और स्वस्थ्य परिवार की नींव रखता है। 

योगिता चंद्राकर सदस्य जिला पंचायत दुर्ग ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के कार्य एवम् दायित्वों को बहुत महत्व पूर्ण और उपयोगी बताया, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा, विभागीय मार्गदर्शन और जनसहयोग से महिलाओं और बच्चों में पोषण का स्तर बेहतर हुआ है। राकेश हिरवानी जनपद सदस्य कृषि सभापति ने कहा कि कुपोषण से बच्चा प्रभावित तो रहता है साथ ही परिवार भी परेशान रहता है। इसलिए इस पर ध्यान देना चाहिए। 
घनश्याम गजपाल सरपंच ने छत्तीसगढ़ अंचल में प्राप्त विभिन्न भाजियो के बारे में जानकारी रखने और अपने आहार में शामिल करने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सोनल सोनी तिवारी, पर्यवेक्षक ने कहा कि माता और परिवार यदि इन पांच वर्ष तक बच्चे का शारीरिक, मानसिक व सामाजिक विकास में ध्यान रखते है तो आगे चलकर वही बेहतर करने के लिए समाज में योगदान दे पाता है । इसलिए शरीर व मन का स्वस्थ्य रहना अतिआवश्यक है।

कार्यक्रम  में 4 गर्भवती माताओं और 5 बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट पोषण वाटिका का निर्माण, रखरखाव तथा  पोषण वाटिका के सब्जी व फलों का सदुपयोग गर्भवती, आंगनवाड़ी के बच्चों के भोजन में करने से सुषमा साहू आंगनवाड़ी कार्यकर्ता केंद्र कातरो क्रमांक 01 को विशेष पुरुस्कार से सम्मानित किया गया ।शिविर में ज्ञान वर्धक और रोचक विभिन्न खेलों का आयोजन के साथ साथ विभागीय योजनाओं की कितनी जानकारी हितग्राहियों को है इस हेतु प्रश्नोत्तरी  किया जाकर प्रोत्साहन स्वरूप विजेताओं को जनप्रतिनिधि के माध्यम से पुरस्कृत भी किया गया।  ग्रामीण द्वारा छत्तीसगढ़ी व्यंजन व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा रेडी टु ईंट का विभिन्न व्यंजन का स्टाल लगाया गया।
करीब 22 प्रकार के भाजियो का प्रदर्शन कर भाजियों को अपने आहार में शामिल करने की सलाह दी गई। 

कार्यक्रम में उपसरपंच संतोष सोनवानी, प, ममत्व महिला समुह की अध्यक्ष सीमा हिरवानी, टीकम यादव, कामेश्वर साहु,  आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कविता यादव, लक्ष्मी हिरवानी, सुषमा साहू, गोमती साहू एवं समस्त कार्यकर्ता, सहायिका और ग्रामीण जन उपस्थित हुए।
 


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