धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 3 मई। खेती किसानी के कामों से निवृत्त हो चुके ग्रामीणों को अब अपने गावों में ही मनरेगा के तहत काम मिलने लगा है। जिसके चलते कुरुद ब्लॉक में हर रोज करीब 5 हज़ार मजदूरों को 10 लाख रुपये से अधिक का काम मिल रहा है। 75 पंचायतों में 374 कार्य स्वीकृत किया गया है। जिसमें नया तलाब, गहरीकरण, आवास, नाला ट्रीटमेंट, पौधरोपण जैसे काम शामिल हैं।
गौरतलब है कि कुरुद जनपद अंतर्गत 108 ग्राम पंचायतों में से 75 पंचायतों में 374 कार्य स्वीकृत किया गया है। जिसमें 6 गाँवों में नया तलाब निर्माण, 25 पंचायत में तालाब गहरीकरण एवं 66 पंचायतों में 334 आवास निर्माण कार्य में मजदूरों को काम मिल रहा है। मनरेगा और जी रामजी के बीच जारी सियासी विवाद से खुद को परे रख संबंधित अधिकारी एंव मजदूर स्वीकृत कार्यों को जमीन में उतारने का काम इस साल 1 अप्रैल से शुरू किया है। कुरुद जनपद के तहत 44147 जॉब कार्डधारी मजदूर पंजीकृत है। जिनमें से करीब 5 हज़ार मजदूरों को 10 लाख रुपये से अधिक का काम रोज मिल रहा है।
नया तलाब निर्माण एवं गहरीकरण कार्य में सैकड़ों मजदूर सुबह और 12 बजे आनलाइन हाजिऱी लगा अपनी दिहाड़ी पका रहे हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास में 570 मजदूर काम पा रहे हैं। साथ ही कुछ पंचायतों में नाला ट्रीटमेंट, पौधरोपण जैसे काम भी चलाए जा रहे हैं। ब्लॉक मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी कुंती देवांगन ने बताया कि गर्मी को देखते हुए मजदूरों के लिए कार्य स्थल पर छाया और पेयजल की व्यवस्था की जाती है। शासन के निर्देशानुसार जल एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए तालाब, नाला ट्रीटमेंट, पौधरोपण जैसे कामों को मनरेगा योजना में शामिल कर ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।


