धमतरी

गंगरेल से बुझेगी कुरुद की प्यास
25-Apr-2026 3:03 PM
गंगरेल से बुझेगी कुरुद की प्यास

11.85 करोड़ की जल आवर्धन योजना को मंजूरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरूद, 25 अप्रैल।
नगरवासियों के लिए पेयजल सुविधा को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने कुरूद और चर्रा में गंगरेल बांध से पानी पहुंचाने 11 करोड़ 85 लाख रुपये की जल आवर्धन योजना को स्वीकृति प्रदान की है। वर्तमान में यहां 10 किमी दूर मेघा महानदी से जल लाकर लोगों की प्यास बुझाने का काम किया जा रहा है।

 गौरतलब है कि तीन-तीन विशाल बांधों के निचले भाग में बसे होने के बावजूद कुरुद पानी के मामले में आत्मनिर्भर नहीं हो सका। कुछ दशक पहले 4 किमी दूर स्थित ग्राम चरमुडिय़ा से पाइप लाइन के जरिये लोगों को पानी मिलता था। इसके बाद महानदी से पानी लाकर नगर को तर करने भागीरथी परियोजना लागू की। इसके लिए मेघा से कुरुद तक 10-12 किमी लंबी पाइप लाइन बिछाई गई। फिर नगर की हर गली हर सडक़ को खोदकर सप्लाई लाइन तैयार किया गया। इस परियोजना में भी अब तक 20 से 25 करोड़ रुपए फूंक डाले गये, फिर भी नगरवासियों को जल की आत्मनिर्भरता नहीं मिली।

अब करीब 12 करोड़ की नई योजना लांच की गई है। जिसमें गंगरेल बांध के पानी को बड़े केनाल के रास्ते लाकर कुरूद शहर, केन्द्रीय विद्यालय एवं कृषि महाविद्यालय चर्रा को निरंतर जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति भानु चन्द्राकर ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत वर्तमान 2.5 एमएलडी क्षमता वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को बढ़ाकर 7.5 एमएलडी किया जाएगा। साथ ही नगर की प्रमुख जल टंकियों की क्षमता में वृद्धि कर उन्हें नई पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा, जिससे पूरे नगर में सुचारू पेयजल आपूर्ति हो सके। उन्होंने इसके लिए विधायक अजय चंद्राकर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति आभार जताया है।
श्रीमती चन्द्राकर ने इस योजना के पूर्ण होने के बाद कुरूद सहित आसपास  क्षेत्रों में पेयजल संकट से राहत मिलने की उम्मीद जताई है।


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