धमतरी

धान नहीं बिका तो सोसाइटी में किसानों संग धरने पर भाजपा नेता
05-Feb-2026 7:40 PM
धान नहीं बिका तो सोसाइटी में किसानों संग धरने पर भाजपा नेता

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुरुद, 5 फरवरी।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के बाद भी कुरुद क्षेत्र के कई किसानों का टोकन नहीं कट पा रहा है। जिसको लेकर पूर्व जिपं अध्यक्ष एवं भाजपा नेता रघुनंदन साहू के साथ गुदगुदा सोसाइटी में किसान धरने पर बैठ गए हैं। इस मामले को लेकर विधायक अपने स्तर पर किए गए प्रयासों का उल्लेख कर धान नहीं बिकने की स्थिति में किसानों से माफी की बात कह चुके हैं।

कुरुद विधानसभा अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति गुदगुदा के 32 किसानों का 1452 क्विंटल धान नहीं बिका तो उन्होंने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रघुनंदन साहू के साथ सोसाइटी में ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री साहू का कहना है कि 30 जनवरी तक धान नहीं बिका तो हमनें यह मान लिया था कि अब धान नहीं बिक पाएगा, लेकिन मुख्यमंत्री ने 2 दिन का समय और दिया है तो किसानों का बचत धान की खरीदी होनी चाहिए। लेकिन समय बढ़ाये जाने के बाद भी धान  खरीद नहीं हो पाना प्रशासन की नाकामी है, इसकी जिम्मेदारी कलेक्टर की होनी चाहिए। मेरा खुद का 50 क्विंटल का टोकन अभी भी कटना बाकी है।

किसान दुर्जन साहू गुदगुदा का कहना है कि उनका 108 क्विंटल धान बेचना अभी भी बाकी है। मेरा सिर्फ एक बार ही धान बिका है, जिसमें सोसायटी का कर्ज ही पट पाया है ।

किसान हितेश साहू का कहना है कि मेरा 150 क्विंटल धान नहीं बिका। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी धान खरीदी नहीं करके किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। टोकन काटना शासन-प्रशासन का काम है प्रशासन को किसानो को इतना परेशान नहीं करना चाहिए। इसके अलावा कुहकुहा, कोकड़ी, सिर्री आदि गाँवों की  यही स्थिति बताई गई है। इस संबंध नोडल अधिकारी मुकेश राघव का कहना है कि हमने शासन को पूरी जानकारी भेज दी है कि प्रथमिक समिति गुदगुदा में 33 किसानों से 1450 क्विंटल धान खरीदी बाकी है।

समिति प्रबंधक मेघराज साहू का कहना है कि सोसायटी मॉड्यूल में किसानों की सूची अपलोड नहीं हो रही है, जिसका कारण पीवी ऐप में टोकन नहीं कट रहा है, लिमिट भी नहीं है, जबकि यहां 33 किसानों का धान नहीं बिका है।  ज्ञात हो कि धान बेचने में हो रही परेशानी के लिए आज कुरुद में मौजूद विधायक अजय चन्द्राकर से कुछ किसानों ने मुलाकात कर अपनी समस्या बताई।  जिस पर उन्होंने अपने द्वारा किये गए प्रयासों का विवरण बताते हुए रात नौ बजे तक धान नहीं बिकने की स्थिति में पीडि़त किसानों से माफी की दरख़ास्त की है।


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