धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 1 फरवरी। कुरुद विधानसभा एवं मगरलोड ब्लॉक के तहत आने वाले लोमस ऋषि आश्रम और कुलेश्वर महादेव मंदिर के बावजूद राजिम कुम्भ मेला प्रशासन द्वारा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और व्यापारियों से उगाही करने का आरोप लगा मगरलोड के भाजपा नेताओं ने मेला क्षेत्र में उग्र धरना प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। लेकिन इस मामले में अभी तक क्षेत्रीय विधायक की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
गौरतलब है कि रायपुर धमतरी और गरियाबंद जिला अंतर्गत महानदी, पैरी, सोंडूर नदी के संगम स्थल राजिम में हर बरस माघ पूर्णिमा में विशाल मेला लगता है। जिसे भाजपा सरकार ने कल्प कुंभ का नाम दिया है। मेला क्षेत्र का बड़ा भूभाग कुरुद विधानसभा एवं मगरलोड ब्लॉक के तहत आता है। जिसके चलते हर बार कुरुद का राजनीतिक एवं प्रशासनिक दबदबा होता रहा है। लेकिन इस बार सरकार में कुरुद की हिस्सेदारी नहीं होने का फायदा उठा अधिकारी क्षेत्रीय नेताओं, व्यापारियों को भाव नहीं दे रहे हैं।
अपनी सरकार अपना विधायक होने के बावजूद अपने ही अधिकार क्षेत्र में हो रही घोर उपेक्षा से नाराज मगरलोड ब्लॉक के भाजपा नेताओं द्वारा 31 जनवरी को लोमस ऋषि आश्रम के पास उग्र धरना प्रदर्शन के किया गया। मगरलोड जनपद पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र साहू ने बताया कि धमतरी जिला के मगरलोड ब्लॉक अंतर्गत लोमस ऋषि आश्रम और कुलेश्वर महादेव विराजमान है, जहाँ साधु संतों का अखाड़ा लगता है, जो राजिम कुम्भ कल्प का अहम हिस्सा है।
मेला मे मगरलोड के सभी विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों का ड्यूटी लगाया जाता है, इसके बावजूद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ गरियाबंद जिला प्रशासन द्वारा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। जिसके विरोध में हम अपनी ही सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने विवश हो रहें हैं।
पूर्व जनपद अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्याम साहू ने कहा कि राजिम मेला जैसे पावन और ऐतिहासिक आयोजन में पहली बार हमारे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की किसी भी कार्यक्रम में सहभागिता न होना, तथा मेले में छोटे-छोटे व्यवसायियों, पान ठेला- दुकानदारों से अनुचित शुल्क वसूली किए जाने का विरोध कर हम प्रशासन को जगाने का काम कर रहे हैं।
जिला पंचायत सभापति मीना-डेमू साहू, जनपद सभापति राजेश साहू, पूर्व मंडल अध्यक्ष होरीलाल साहू, पूर्व जिला उपाध्यक्ष नरेश साहू आदि ने बताया कि मेला प्रशासन द्वारा लोमश आश्रम की अनदेखी की जा रही है, अब तक लिपाई पोताई और साफ़ सफाई तक नहीं कराई गई है। बिजली, पानी, प्रसाधन जैसी बुनियादी व्यवस्था के बैगर साधु संत कैसे गुजारा करेंगे।
सत्ता पक्ष के नेताओं ने टेंडर होने से पहले काम शुरू करवाने, दुकान आबंटन के नाम पर अधिकारियों पर अवैध उगाही करने का आरोप लगाते हुए दोषी लोगों पर कार्रवाई और व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग उठाई है। गरियाबंद एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार ने प्रदर्शनकारियों की मांग उच्चाधिकारियों तक पहुँचा समाधान निकालने का भरोसा दिला माहौल शांत कराया। अपने और अपने लोगों के अधिकारों को लेकर बेहद मुखर रहने वाले तेज तर्रार विधायक अजय चन्द्राकर की कोई भी प्रतिक्रिया इस मामले को लेकर सामने नहीं आई है, जिससे समर्थक वर्ग में बेचैनी देखी जा रही है।
बाहरहाल महानदी के तट पर विरोध प्रदर्शन करने वालों में चेतन साहू, तिलोत्मा साहू, अनीता देशमुख, विनीता संतशरण, कृष्ण ध्रुव, शत्रुघ्न साहू, हेमंत साहू, सन्तोष सोनी, डागेश्वर सोनकर, केंवरा साहू, खेमू साहू, देव चरण साहू, जीवन यादव, ईश्वरी साहू, हेमलाल, चंद्रहास साहू, नूतन धृतलहरे, तोषण साहू, भूषण यादव, शुभम् शर्मा, डोमेंद्र सिन्हा, पन्ना साहू, लालाराम, शिवकुमार, राकेश, यशवंत, घांसू, चुम्मन, बाबूलाल, कृष्ण साहू, नीलकंठ जांगडे, सेवक बांधे, अर्जुन निषाद आदि शामिल थे।


