धमतरी

बापू की पुण्यतिथि पर शराब बिकवाना, गांधीवादी विचारधारा का अपमान-तारिणी
31-Jan-2026 7:04 PM
बापू की पुण्यतिथि पर शराब बिकवाना, गांधीवादी विचारधारा का अपमान-तारिणी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुरुद, 31 जनवरी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शुष्क दिवस घोषित नही कर खुलेआम शराब बिकवाने,मनरेगा का नाम बदलने एवं किसानों को धान बेचने के लिए दर दर भटकने के लिए मजबूर करने विरोध में मगरलोड ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा मोर्चा निकाल साय सरकार पर मनमानी करने का आरोप लगा जमकर नारेबाजी की गई।

मगरलोड में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर धमतरी जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने प्रदेश सरकार के ताजे फैसले गांधी जयंती पर खुलेआम शराब बिकवाने की निंदा करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के आदर्श, त्याग और देश की आज़ादी में उनके ऐतिहासिक योगदान के सम्मान में पूर्व की सभी सरकारों ने उनकी जयंती और पुण्यतिथि को शुष्क दिवस के रूप में मनाया  है। लेकिन भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद जानबूझकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम और विचारधारा को हाशिये पर धकेलने की साजिश की जा रही है।

विपक्ष की जिला प्रमुख ने कड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि 30 जनवरी जैसे पवित्र और ऐतिहासिक दिन पर धमतरी जिला के सभी देशी-विदेशी मदिरा दुकानों, रेस्टोरेन्ट बार, होटलों में खुलेआम शराब परोसी गई। यह सरकार की संवेदनहीनता और गांधी जी के अपमान का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह न केवल राष्ट्रपिता का अनादर है, बल्कि देश की आत्मा पर भी हमला है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को समझना चाहिए कि महात्मा गांधी व्यक्ति नहीं एक विचारधारा है, ये लाख कोशिशों के बावजूद गांधी के विचारों पर गोडसे विचारधारा को नहीं थोप पाएंगे, भाजपा के नेता अन्य देशों में जाकर महात्मा गांधी के सामने सर झुकाते हैं, यहाँ अन्य देशों से आए राष्ट्र अध्यक्षों के साथ फूल चढ़ाते है। दूसरी ओर बापू के देश से उनके नाम को हटाने का कार्य करते है, भाजपा के इस दोहरे चरित्र से पूरा देश वाकिफ हो गया है।

भाजपा गोडसे को भगत सिंह का दर्जा देने की कोशिश कर रह रही है, जबकि गोडसे ने ही गांधी को मारा था, 30 जनवरी गांधी निर्वाण दिवस को भाजपा गोडसे गौरव दिवस के रूप मे मनाने की तैयारी कर रही है।  श्रीमती चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि यह विषय केवल शराब भट्टी बंद कराने का नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सम्मान, उनके विचारों और देश की मूल आत्मा की रक्षा का है। पहले इन लोगों ने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाया, और अब शुष्क दिवस पर शराब बिकवा कर अपनी सोच उजागर कर दी है।

कांग्रेस ने सदैव गांधी विचारधारा के फासिस्ट ताकतों का मुकाबला किया है, इस बार भी हम पीछे नहीं हटेंगे, भाजपा की हर साजिश को जनता के सामने लाने कांग्रेसी कार्यकर्ता पीछे नहीं रहेगा। इस अवसर पर प्रभात राव मेघावाले, विनीत बाफना, डिहुराम साहू, कुसुमलता,राजेन्द्र साहू आदि उपस्थित थे।


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