धमतरी

बड़े आयोजन के बाद मैदान कचरे से पटा, प्रशासन मौन
31-Jan-2026 7:03 PM
बड़े आयोजन के बाद मैदान कचरे से पटा, प्रशासन मौन

युवाओं ने संभाली स्वच्छता की कमान

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुरुद, 31 जनवरी। नगर में चार दिन पूर्व एक प्रसिद्ध मोटिवेशनल गुरु का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। हजारों की भीड़ वाले इस आयोजन के बाद मैदान प्लास्टिक बोतलों, डिस्पोज़ेबल प्लेटों और अन्य कचरे से पट गया। आयोजन  के बाद सफाई को लेकर प्रशासनिक अमले की लापरवाही का खामियाज़ा खिलाडिय़ों, विद्यार्थियों और सुबह-शाम टहलने वाले नागरिकों को भुगतना पड़ा। बदबू और गंदगी से छुटकारा पाने युवाओं ने प्रशासन की ओर देखने के बजाय स्वयं जिम्मेदारी निभाने का फैसला कर दो दिन में पूरा मैदान साफ़ कर दिया।

ज्ञात हो कि यहां की एक समाजिक संस्था के बैनर तले 27 जनवरी को अटल बिहारी बाजपेयी स्टेडियम में एक ख्यातनाम मोटिवेशनल स्पीकर का प्रोग्राम कराया गया, जिसमें हजारों लोगों की भीड़ जुटाई गई। प्रोग्राम में आए लोगों की प्यास बुझाने पानी पाउच और प्लास्टिक बोतलों का भरपूर उपयोग किया गया। कुछ घंटे बाद कार्यक्रम में आए लोग बोलकर और सुनकर लौट गए, लेकिन अपने पीछे कचरा छोड़ गए। चार दिनों तक मैदान कचरे से अटा रहा, जिससे खेलने एवं घूमने फिरने में लोगों को परेशानी होने लगी।

इसी बीच कॉलेज में अध्ययनरत छात्रा नंदनी देवांगन ने अकेले ही सफाई शुरू कर दी, साथ देने तारकेश्वर वर्मा पहुंचे, शुक्रवार शाम तक दोनों ने मिलकर मैदान का बड़े भाग से कचरा इक_ा कर अन्य लोगों को भी सबक दिया। इवनिंग वॉकिंग टीम के अनिल चन्द्राकर, हितेन्द्र केला, जमाल रिजवी, सुनील अग्रवाल, मालकराम साहू आदि ने छात्रा की प्रशंसा करते हुए इस काम को आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया।

 शनिवार को मार्निंग ग्रुप के संजु चन्द्राकर, कमलेश रेड्डी, मुकेश पवार, संजय ध्रुव, भारत साहू, राहुल सिन्हा, राजा, भारत सिन्हा, रियाज हलारी, विष्णु निर्मलकर, गोपाल बैस, रोशन, बोदू, लोकेश्वर आदि  सदस्यों ने सामूहिक श्रमदान करते हुए पूरे मैदान की सफाई की और बिखरे प्लास्टिक कचरे को हटाकर मैदान को दोबारा उपयोग योग्य बनाया।

युवाओं का कहना है कि मोटिवेशन की बातें मंच से करना आसान है, लेकिन असली प्रेरणा व्यवहार में दिखती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बड़े आयोजनों की अनुमति दी जाती है, तो उनके बाद सफाई की ठोस व्यवस्था क्यों नहीं की जाती।

स्थानीय नागरिकों ने युवाओं की इस पहल को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि प्रशासनिक उदासीनता के बीच युवाओं ने सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया है। यह घटना न सिफऱ् प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि यदि युवा आगे आएँ तो समाज खुद रास्ता बना सकता है।

नागरिकों ने मांग की है कि भविष्य में किसी भी बड़े सार्वजनिक आयोजन के लिए अनुमति के साथ-साथ सफाई और कचरा प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाए, ताकि खेल मैदान जैसी सार्वजनिक संपत्तियों की दुर्दशा न हो।


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