दन्तेवाड़ा

बाल विवाह पीडि़तों को नि:शुल्क विधिक सहायता- मुआवजा
24-Mar-2026 3:42 PM
बाल विवाह पीडि़तों को नि:शुल्क विधिक सहायता- मुआवजा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

दंतेवाड़ा, 24 मार्च। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के प्रभावी संचालन के लिए जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत दंतेवाड़ा में किया गया।

कार्यशाला का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दंतेवाड़ा के सचिव श्री अनंत दीप तिर्की की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में  मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा तथा जिला बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की।

कार्यशाला में नवनियुक्त बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों, पंचायत सचिवों, महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षकों, शिक्षा विभाग के संकुल समन्वयकों तथा पुलिस विभाग के बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को अभियान के उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।

चरणबद्ध खात्में का लक्ष्य

 राज्य शासन द्वारा वर्ष 2028-29 तक छत्तीसगढ़ को पूर्णत: बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत चरणबद्ध रूप से वर्ष 2025-26 तक 40 प्रतिशत, 2026-27 तक 60 प्रतिशत, 2027-28 तक 80 प्रतिशत तथा 2028-29 तक 100 प्रतिशत ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यशाला के दौरान सचिव श्री अनंत दीप तिर्की ने बाल विवाह को सामाजिक कुरीति के साथ-साथ कानूनी अपराध बताते हुए ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006’ के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने पीडि़तों को उपलब्ध नि:शुल्क विधिक सहायता एवं मुआवजा प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला।

डॉ. एस. मंडल ने बाल विवाह के कारण बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों को रेखांकित किया। वहीं, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष बबीता पाण्डेय ने बाल विवाह को नाबालिगों के विरुद्ध गंभीर अत्याचार बताते हुए इसे रोकने में समाज की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।

मास्टर ट्रेनर राजेश बघेल द्वारा प्रतिभागियों के साथ समूह चर्चा के माध्यम से पंचायत स्तर पर कार्ययोजना तैयार कराई गई तथा प्रस्तुतिकरण भी कराया गया। साथ ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी तनुजा बेलसरिया द्वारा विभिन्न विभागों की भूमिका, टोल फ्री नंबर एवं अभियान से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। समापन के दौरान सभी को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई।


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