150 एकड़ में लगे गेहूं सरसों भी सूख रही
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 3 फरवरी। ग्राम सुहेला यहां से 7-8 किलोमीटर दूर ग्राम फरहदा में विद्युत ट्रांसफार्मर में लो वोल्टेज के कारण 200 एकड़ ग्रीष्मकालीन धान की फसल में आधी फसल अभी से सूख गई है, वहीं लगभग डेढ़ सौ एकड़ में लगे गेहूं सरसों की फसल को पकाने को लेकर दिक्कत है।
किसानों ने हर साल की तरह इस बार भी केवल विद्युत पंप के भरोसे दिसंबर के पहले सप्ताह में ही लगभग 200 एकड़ में ग्रीष्मकालीन धान का फसल लगाई थी जिसमें जुताई मताई, खाद, बीज, दवाई को मिलाकर अब तक प्रति एकड़ लगभग 10 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। परंतु विद्युत ट्रांसफार्मर से कम सप्लाई के कारण पंपों से पानी काफी कम डिस्चार्ज होने से खेतों में पानी की पूर्ति नहीं हो पा रही है और किसानों ने पूरी फसल को पानी देने की जगह आधी फसल को ही पानी दे रहे हैं आधी फसल को ऐसे ही बीना सिंचाई के छोड़ दिया है। ताकि आदि फसल पक जाए और नुकसान आधा ही हुए 100 एचपी के एक ट्रांसफार्मर से परमानेंट कनेक्शन लेने वाले ग्राम के तिलक राम साहू, मुरारी साहू, हरिराम वर्मा, राजू बंजारे, अर्जुन वर्मा, प्यारी बाई साहू, डोमार सोनवानी, अश्वनी साहू, सतीश वर्मा, महेंद्र वर्मा, निजाम वर्मा, प्यारेलाल वर्मा, आशीष सिंह ठाकुर, रामशरण वर्मा, मोहित वर्मा, संतोष बंजारे आदि किसानों ने बताया कि इसी ट्रांसफार्मर से दो पंपों से तालाबों में भी पानी भरा जा रहा है। इसके बावजूद विद्युत विभाग द्वारा अनेक लोगों को टेंपरेरी कनेक्शन दे दिया गया है।
ऐसे ही 63 एचपी के ट्रांसफार्मर से अश्वनी वर्मा, धनुष वर्मा, संतोष बंजारे, रामलाल लहरी, दिनेश साहू, तिलक राम साहू, पवन वर्मा, गौकरण साहू, नेतराम वर्मा, चेतन शर्मा, भोज राम वर्मा, कन्हैया लाल साहू, राजकुमार साहू आदि ने परमानेंट कनेक्शन के बावजूद अनेक लोगों को टेंपरेरी कनेक्शन दिया गया है जिसके कारण ट्रांसफार्मर लोड नहीं ले पा रहा है।
नया ट्रांसफार्मर लगाने की जगह एक का लोड दूसरे पर डाला
लोगों के अनुसार विद्युत विभाग ने टेंपरेरी कनेक्शन तो दे दिया परंतु लोड कम होने और किसानों द्वारा कहने पर लोड शेडिंग करने के उद्देश्य से नया ट्रांसफार्मर लगाने की बजाय इस ट्रांसफार्मर का कनेक्शन उस ट्रांसफार्मर में डाल दिए थे, जिससे किसानों के बीच ही विवाद की स्थिति बन गई है क्योंकि किसानों ने विभाग द्वारा दूसरे ट्रांसफार्मर से लगाए गए कनेक्शन को स्वयं ही हटा दिया था वही एक 25 एचपी के ट्रांसफार्मर के स्थान पर 63 एचपी ट्रांसफार्मर लगाने का दो किसानों ने विरोध करते हुए 25 एचपी के ट्रांसफार्मर को निजी ट्रांसफार्मर बता दिया है।
दिसंबर में वोल्टेज ठीक ही था
किसानों ने बताया कि इस बार भी दिसंबर में जिस समय हम लोगों ने अपने-अपने खेतों में बीज डाला उसे समय सभी पंप एक साथ नहीं चलने से पर्याप्त वोल्टेज के कारण पानी का डिस्चार्ज भी पर्याप्त हो रहा था, जिससे हम समझ नहीं पाए। परंतु जैसे ही सभी का पंप चालू हुए, लो- वोल्टेज की समस्या शुरू हो गई
100 एचपी का ट्रांसफार्मर लगाएंगे
इस संबंध में विद्युत विभाग के डीई वीरेंद्र राठिया ने कहा कि उन्हें लो वोल्टेज की समस्या की जानकारी है मंगलवार को यहां 100 एचपी का ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा ट्रांसफार्मर निजी नहीं होता इसके लिए पैसा जमा किया जाता है।