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सी.ए. टीम ने दी रीयल-टाइम ट्रेनिंग
रायपुर, 6 जून। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेशाध्यक्ष सतीश थौरानी ने बताया कि चेंबर एवं छत्तीसगढ़ सीमेंट मर्चेंट्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में जीएसटी के ई वे बिल एवं बिल टू शिफ्ट टू से संबंधित नए नियमों को लेकर महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जीएसटी के ई वे बिल एवं बिल टू शिफ्ट टू से संबंधित नए नियमों के प्रति व्यापारियों को जागरूक करना था।
श्री थौरानी ने बताया कि हाल ही में भारत सरकार प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में कनाडा के सफल व्यापारिक प्रवास से लौटे उनका सीमेंट मर्चेंट्स एसोसिएशन द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर और शॉल-श्रीफल से आत्मीय अभिनंदन किया गया। कार्यशाला में सीए टीम के सभी सदस्यों ने ई वे बिल एवं बिल टू शिफ्ट टू से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक और कानूनी पहलुओं पर अपने अलग-अलग विचार साझा किए।
चेम्बर वाईस चेयरमेन सी.ए. चेतन तारवानी ने बिलिंग प्रक्रियाओं पर जोर देते हुए बताया कि ई-वे बिल के नियमों में आ रहे बदलावों का मुख्य उद्देश्य टैक्स चोरी रोकना है, लेकिन सही जानकारी के अभाव में ईमानदार व्यापारी भी फंस जाते है बिल टू-शिप टू के मामलों में यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि पार्ट-ए और पार्ट-बी की प्रविष्टियां बिल्कुल सटीक हों, ताकि रास्ते में गाड़ी पकड़े जाने की नौबत न आए।
श्री तारवानी ने बताया कि इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और मिलान पर बात रखते हुए कहा कि नए नियमों के तहत यदि बिलिंग एड्रेस और डिलीवरी एड्रेस में जरा सी भी तकनीकी गड़बड़ी होती है, तो इनपुट टैक्स क्रेडिट ब्लॉक होने का खतरा रहता है। सीमेंट व्यापार में भारी मात्रा में माल का परिवहन होता है, इसलिए दस्तावेज तैयार करते समय पिन कोड और दूरी की ऑटो-कैलकुलेशन की सावधानीपूर्वक जांच कर लें। सी.ए. विजय गोलछा ने दंडात्मक प्रावधानों से बचने के उपाय बताए।


