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ट्रांसपोर्ट संघों के सुझाव सौंपे जाएंगे-थौरानी
रायपुर, 7 मई। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने बताया कि शहरी गतिशीलता (अर्बन मोबिलिटी) की चुनौतियों और सुधारों पर चर्चा हेतु एक महत्वपूर्ण हितधारक बैठक (स्टेकहोल्डर्स मीटिंग) संपन्न हुई। यह बैठक उनके नेतृत्व में, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के लेखापरीक्षा योजना 2026-27 के अंतर्गत महालेखाकार (लेखापरीक्षा) छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित की गई।
श्री थौरानी ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में शहरी यातायात, माल परिवहन और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से जुड़ी जमीनी समस्याओं को समझना तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा प्रस्तावित ऑडिट हेतु विशेषज्ञों और संघों से सुझाव आमंत्रित करना था। बैठक में महालेखाकार कार्यालय से उपस्थित वरिष्ठ उप महालेखाकार (सीनियर डीएजी) मिस प्रियाति कावड़ो ने बताया कि सीएजी का उद्देश्य केवल वित्तीय ऑडिट तक सीमित नहीं है, बल्कि हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि शहरी गतिशीलता जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं आम जनता और व्यापारिक जगत के लिए कितनी प्रभावी साबित हो रही हैं।
वरिष्ठ लेखापरीक्षा अधिकारी मो. इकबाल अंसारी एवं मनीष कुमार शुक्ला ने तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डेटा और जमीनी फीडबैक का सही तालमेल ही भविष्य की परिवहन प्रणाली को सुदृढ़ बना सकता है। उन्होंने पारदर्शिता और डिजिटल समाधानों की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में चर्चा के आधार पर एक हस्ताक्षरित कार्यवृत्त (मिनट्स ऑफ मीटिंग) तैयार किया गया, जिसे आगामी सुधारों के लिए आधार बनाया जाएगा।


