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देश-विदेश के शिक्षाविद, वैज्ञानिक, उद्योग विशेषज्ञ पहुंचे
रायपुर, 4 अप्रैल। कलिंगा विश्वविद्यालय ने बताया कि प्रौद्योगिकी संकाय ने विश्वविद्यालय परिसर में 31 मार्च और 1 अप्रैल 2026 को हरित भविष्य की ओर सतत विकास विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन में भारत और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रख्यात शिक्षाविद, वैज्ञानिक, उद्योग विशेषज्ञ और शोधकर्ता एक साथ आए और उन्होंने सतत प्रौद्योगिकियों, नवाचार और पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर विचार-विमर्श किया।
विश्वविद्यालय ने बताया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के निदेशक और मुख्य अतिथि प्रोफेसर राजीव प्रकाश ने कुलपति डॉ. आर. श्रीधर, महानिदेशक डॉ. बायजू जॉन, डीन अकादमिक मामलों और सीओई डॉ. राहुल मिश्रा और प्रौद्योगिकी संकाय के डीन प्रभारी डॉ. वी. सी. झा तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्मेलन का उद्घाटन किया।
विश्वविद्यालय ने बताया कि उद्घाटन सत्र के दौरान, मुख्य वक्ताओं ने सतत तकनीकी विकास पर अपने विचार साझा किए। रायपुर के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. अजय त्रिपाठी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।इस कार्यक्रम में सोलर पैनलों की तस्वीरें लेने और उनकी मरम्मत के लिए थर्मल ड्रोन और सोलर मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर के उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
विश्वविद्यालय ने बताया कि अन्य मुख्य वक्ताओं में पुणे के कीस्टोन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के प्रिंसिपल डॉ. संदीप कदम, कजाकिस्तान के अल्माटी स्थित एकेडमी ऑफ लॉजिस्टिक्स एंड ट्रांसपोर्ट के विदेशी वैज्ञानिक डॉ. चंद्र बोगिरेड्डी, रायपुर स्थित एनटीपीसी के वरिष्ठ प्रबंधक श्री इमरान अली मोहम्मद और गोरखपुर स्थित केआईपीएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. मोहम्मद जाहिद रयाज खान शामिल थे। सम्मेलन में प्रतिष्ठित शिक्षाविदों की अध्यक्षता में कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें रूंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी के डॉ. राहुल मिश्रा, जेडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट नागपुर के डॉ. प्रवीण आर. क्षीरसागर, भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दुर्ग से डॉ. एस. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना से डॉ. सुभाष यादव।


