कारोबार
अब तक सर्वाधिक 53 एमटी उत्पादन के साथ रचा इतिहास
हैदराबाद, 2 अप्रैल। एनएमडीसी सीएमडी अमिताभ मुखर्जी ने बताया कि भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक तथा जिम्मेवार खनिक एनएमडीसी ने वित्त वर्ष 2026 में 53 एमटी लौह अयस्क के उत्पादन के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जो भारत के खनन इतिहास में 50 एमटी वार्षिक उत्पादन के लक्ष्य को पार करने वाली प्रथम कंपनी बन गई है।
श्री मुखर्जी ने बताया कि यह उपलब्धि संख्यात्मक उपलब्धि से आगे है, जो भारत के खनिज क्षेत्र की बढ़ती ताकत और गति का प्रतीक है। एनएमडीसी निरंतर देश की लौह अयस्क आपूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है तथा अपने इस्पात उद्योग की आधारशिला को मजबूती प्रदान कर रहा है। कंपनी ने पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में क्रमश: 51 प्रतिशत और 40 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि के साथ मार्च 2026 माह में 5.35 एमटी लौह अयस्क का उत्पादन किया तथा 5.90 एमटी लौह अयस्क की बिक्री की।
श्री मुखर्जी ने बताया कि कुल उत्पादन परिणाम 21 प्रतिशत की अद्भुत वृद्धि के साथ 53.15 एम टी तक पहुंच गया तथा बिक्री 13 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 50.23 एमटी तक पहुंच गई, जो स्थापना के बाद से इसका अब तक का सर्वोत्तम मात्रा है। एनएमडीसी की प्रमुख लौह अयस्क खदानों - छत्तीसगढ़ में किरंदुल तथा बचेली एवं कर्नाटक में दोणिमलै के मजबूत प्रदर्शन से रिकॉर्ड उत्पादन हुआ, जिसने कंपनी के इतिहास में अबतक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज कर दिया।
श्री मुखर्जी ने बताया कि दुबई में अंतर्राष्ट्रीय कार्यालय के उद्घाटन, झारखंड में प्रथम कोयला खदान के सफल प्रचालन तथा छत्तीसगढ़ के बैलाडीला में निक्षेप 4 की कमीशनिंग के साथ, इसकी उत्पादन क्षमताओं एवं विविधीकरण रणनीति को और मजबूत करने के साथ वित्त वर्ष 2026 एनएमडीसी के लिए विस्तार योजना एवं परिवर्तन का निर्णायक वर्ष रहा है।
श्री मुखर्जी ने बताया कि इस इस्पाती इरादों के साथ, एनएमडीसी ने मजबूत गति एवं ध्यान केंद्रित विकास दृष्टिकोण के साथ वित्त वर्ष 27 में प्रवेश किया है। 50 एमटी उत्पादन को पार करना एनएमडीसी के लिए केवल उत्पादन का मील का पत्थर नहीं है, यह हमारे तथा भारत के खनन क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है। इंफ्रास्ट्रकचर के विकास के साथ जैसे-जैसे भारत की इस्पात की मांग तेजी से बढ़ रही है, एनएमडीसी पहले से कहीं अधिक मजबूत, व्यापक तथा अधिक भविष्य-ध्यानकेंद्रित है।


