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रायपुर, 30 मार्च। सिपेट ने बताया कि छत्तीसगढ़ जैसा राज्य जहाँ बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय निवास करता है, वहां सिपेट जैसे संस्थान जनजातीय समुदाय के युवाओं को नवीनतम तकनीक से जोडक़र, प्रशिक्षण के माध्यम से विकास की मुख्य धारा से जोडऩे में एवं वनोपज के प्रसंस्करण पश्चात उसकी विधिवत पैकिंग की तकनीक एवं सामग्री प्रदान कर अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सिपेट ने बताया कि भविष्य में सिपेट में उपलब्ध तकनीक एवं सुविधाओं का प्रदेश में विकाश हेतु एवं प्लास्टिक्स सामान क्रय के दौरान गुणवत्ता निर्धारण हेतु और प्रभावी उपयोग किया जा सकता है यह उदगार व्यक्त किये गए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा द्वारा सिपेट के भनपुरी, रायपुर स्थित केंद्र में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के अंतर्गत सम्पूर्ण राज्य में स्थित मार्ट्स, प्रसंस्करण इकाइयों एवं मुख्यालय में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों हेतु वनोपज एवं आयुर्वेदिक औषधियों की प्लास्टिक्स जार एवं बोतल पैकेजिंग विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के प्रथम दिन प्लास्टिक्स जार्स एवं वाटल्स के उत्पादन की तकनीक, उपयोग होने वाले कच्चे माल एवं मशीनों की जानकारी दी गई।


