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रायपुर, 16 जनवरी। कलिंगा विश्वविद्यालय ने बताया कि अपने आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के माध्यम से 5 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक सामाजिक अनुप्रयोगों के लिए उन्नत कार्यात्मक सामग्री विषय पर छह दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का सफल आयोजन किया।
विश्वविद्यालय ने बताया कि यह कार्यक्रम आईईईई प्रशिक्षण एवं अधिगम अकादमी द्वारा प्रायोजित था तथा ढ्ढश्वश्वश्व एजुकेशन सोसाइटी, मध्य प्रदेश चैप्टर के सहयोग से आयोजित किया गया। उद्घाटन सत्र विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति से सुशोभित हुआ।
विश्वविद्यालय ने बताया कि डॉ. आर. श्रीधर, कुलपति, कलिंगा विश्वविद्यालय ने कार्यात्मक पदार्थों में उन्नति की अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं तथा उद्योग जगत के पेशेवरों को तीव्र गति से विकसित हो रहे वैज्ञानिक क्षेत्रों में प्रासंगिक बने रहने हेतु नियमित व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से अपने ज्ञान एवं शोध क्षमताओं का सतत उन्नयन करना आवश्यक है।
विश्वविद्यालय ने बताया कि इस कार्यक्रम में कुल 164 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, जो विभिन्न संस्थानों एवं विषयों से संकाय सदस्यों एवं शोधकर्ताओं की सक्रिय राष्ट्रीय स्तर की भागीदारी को दर्शाता है। डॉ. संदीप गांधी, कुलसचिव ने अपने संबोधन में बताया कि उन्नत कार्यात्मक पदार्थ विज्ञान, अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी का एकीकरण कर नवाचार को गति प्रदान करते हैं।
विश्वविद्यालय ने बताया कि ये पदार्थ नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट उपकरणों, स्वास्थ्य सेवाओं तथा सतत उद्योगों को सशक्त बनाते हैं। इनकी अंत: विषय प्रकृति वैश्विक चुनौतियों के लिए प्रभावी समाधान प्रदान करने में सहायक है, जिससे आर्थिक विकास, पर्यावरणीय स्थिरता एवं समग्र सामाजिक उन्नति को बढ़ावा मिलता है। डॉ. विजयालक्ष्मी बिरादार, निदेशक, आईक्यूएसी ने शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं शोध-आधारित नवाचार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों के सफल आयोजन हेतु निरंतर संस्थागत सहयोग एवं मार्गदर्शन का आश्वासन दिया।


