बेमेतरा
सेवा सहकारी समिति मुरता के 111 किसानों से ठगी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 12 जून। जिले के नवागढ़ विकासखंड में सहकारिता क्षेत्र से एक बड़ा मामला सामने आया है। सेवा सहकारी समिति मर्यादित मुरता के प्रभारी समिति प्रबंधक राजेंद्र पांडे और लिपिक अमित साहू पर आपसी मिलीभगत से संस्था और कृषकों के साथ धोखाधड़ी, छल-कपट और अमानत में खयानत कर 57 लाख, 1 हजार, 454 रुपए 44 पैसे की शासकीय संपत्ति के गबन का आरोप है। यह मामला सुशासन तिहार सिविल में मिली शिकायतों और उप आयुक्त सहकारिता विभाग के अंकेक्षण जांच प्रतिवेदन के बाद उजागर हुआ। प्राधिकृत अध्यक्ष खोरबाहरा राम साहू की लिखित शिकायत पर नवागढ़ थाना में दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 420, 406, 467, 468, 471, 409 और 34 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।
इस गंभीर अनियमितता की परते तब खुलनी शुरू हुई जब 7 मई को ग्राम पंचायत मोहतरा में सुशासन तिहार शिविर का आयोजन किया गया। इसके बाद जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों आरोपियों ने मिलकर किसानों को ठगने का सुनीयोजित जाल बिछाया था। जांच में सामने आए कि राजेन्द्र पांडे और अमित साहू ने विभागीय बुक नंबर के अप्रयुक्त पत्रों का गलत इस्तेमाल किया। इसके साथ उन्होंने अनाधिकृत रूप से बाजार से फर्जी रसीद बुक छपवा ली। इन फर्जी रसीदों के माध्यम से क्षेत्र के 111 कृषक सदस्यों से कर्ज वसूली और हिस्सा राशि के नाम पर कुल 32, 62,820 रुपए नगद वसूली किए गए।
यह बड़ी राशि संस्था के मुख्य खातों में जमा करने के बजाय दोनों आरोपियों ने मिलकर गबन कर ली। घोटाले की दूसरी कड़ी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग की नवागढ़ शाखा द्वारा जारी वैध रशीद बुकों से जुड़ी है। समिति को आबंटित 6 बुक क्रमांक के माध्यम से राजेंद्र पांडे के कार्यकाल में 18 जुलाई 2023 से 25 अक्टूबर 2023 के बीच किसानों से ऋण वापसी की 10,140,240 रुपए प्राप्त की गई थी। इस राशि की प्रविष्टि समिति के रोकड़ डायरी में तो दर्ज की गई, लेकिन नियमाअनुसार कृषकों के व्यक्तिगत ऋण खातों में समायोजित नहीं किया गया। इस प्रकार किसानों को जानबूझकर डिफाल्टर बनाने की साजिश की गई। जांच प्रतिवेदन में जब आरोपियों को राशि वसूलकर किसानों के खाते में संयोजित करने की अनुशंसा की गई है।
बैंक के प्रभारी प्रबंधक राजेंद्र पांडे पर वित्तीय अनुशासनहीनता और लाखों रुपए के गबन के गंभीर आरोप लगे हैं। जांच में सामने आया कि उन्होंने किसानों के वसूली गई है 1,25,100 रुपए की राशि का कोई लेखा-जोखा नहीं रखा। उसको अतिरिक्त ब्लू स्टार सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग कार उन्होंने किसानों के अमानत खातों में लाखों रुपए अवैध रूप से हस्तांतरित किए। आरोप के अनुसार राजेन्द्र पांडे ने 18 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2023 के बीच महज एक सप्ताह में दो बैंक रसीदों का उपयोग करते हुए विभिन्न कृषकों से ऋण और हिस्सा राशि के रूप में 1,25,100 रुपए नगद वसुले। उन्होंने इन वसूली गई राशि की कोई रोकड़ प्रविष्टि संस्था में रिकॉर्ड में दर्ज नहीं कि।
इस तरह वह राशि बिना किसी विभाग के लेखा-जोखा के सीधे गायब कर दी गई। जिसे शासकीय धन के सीधे गबन की श्रेणी में माना गया है। तकनीकी जांच के दौरान चौंकाने वाला तत्व सामने है कि संस्था में तात्कालिक समय पर संचालित ब्लू स्टार नामक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का पूरा नियंत्रण है और संचालक अकेले प्रभारी प्रबंधक राजेंद्र पंडित द्वारा किया जा रहा था।
उन्होंने इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से भारी जालसाजी की। उन्होंने किसानों के अमानत राशि खातों (फिक्स डिपॉजिट ,बचत ) से राशि का अवैध हस्तारण कर उसे लोन खाते में संयोजित तो दिखाया लेकिन किसानों को इसके बदले में कोई वैध पावती जारी नहीं की। जांच दल में पाया गया कि चिन्हित 22 कृषकों की सूची में से 19 कृषकों का व्यक्ति समायोजन 10 मार्च से 31 मार्च 23 के बीच किया गया। जिसका कोई भौतिक रोकड़ संधारण रिकॉर्ड में मौजूद नहीं है। पूरा मामला जांच में जाकर होने पर के बाद राजेंद्र पांडे के विरुद्ध कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बैंक ऋण नीति तोडऩे का आरोप
जानकारी के अनुसार पंजीकृत आदर्श उपविधि क्रमांक- 42 में समिति प्रबंधक की शक्तियों और कर्तव्यों का स्पष्ट उल्लेख है। कंडिका 1 से 14 के अनुसार प्रबंधक को कर्मचारियों की निगरानी करनी होती है। पावतिया और वाउचर सहिच तैयार करने होते हैं। साथ ही प्राप्त समस्त राशि को बैंक खातों में जमा करना होता है। आरोप है कि समिति प्रबंधक राजेन्द्र पांडे ने लिपिक अमित साहू के साथ मिलकर इन नियमों की अनदेखी की। उन्होंने दुर्ग बैंक की ऋण नीति के नियमों का भी उल्लंघन किया। जिससे शासकीय धन और अन्नदाताओं की गाड़ी कमाई के दुरुपयोग का संदेह है। थाना नवागढ़ पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। थाना प्रभारि भुनेश्वर यादव ने बताया कि राजन पांडे और अमित साहू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।


