बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 8 जून। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) बेमेतरा में कार्यरत लेखापाल अमिंदर भारतीय ने रिकॉर्ड 17वीं बार रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की है। जिसके लिए डाइट परिवार गौरवान्वित हुआ है। डाइट प्राचार्य जे के घृतलहरे, सहायक प्राध्यापक परस राम साहू, प्रहलाद कुमार टिकरिहा, व्याख्याता थलज कुमार साहू ने उनके इस पुनीत कार्य के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी है।
इस अवसर पर अमिंदर भारतीय ने कहा कि रक्तदान महादान है। यह मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। किसी के द्वारा किया गया रक्तदान की एक यूनिट रक्त किसी दुर्घटना, सर्जरी या गंभीर बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। रक्तदान एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पुण्य का कार्य है। रक्तदान के द्वारा गंभीर से गंभीर पीडि़त 3 लोगों की जान को बचाया जा सकता है। चूंकि कृत्रिम रूप से रक्त नहीं बनाया जा सकता। यह जरूरतमंदों तक पहुँचाने का एकमात्र जरिया है। रक्तदान न केवल दूसरों का जीवन बचाता है, बल्कि यह दाता के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है।
गौरतलब है कि लेखापाल अमिंदर भारतीय अपने परोपकारी और अनुकरणीय कार्यों के लिए ही जाने जाते हैं। संत गुरु घासीदास की तपोभूमि गिरौदपुरी मेला के समय उन्होंने तीन दिनों तक भक्तजनों के लिए नि:शुल्क भोजन प्रसाद की व्यवस्था की थी और सैकड़ों भक्तों को नि:शुल्क भोजन प्रसाद अपने हाथों से परोसकर खिलाया था।
इससे पहले गिरौदपुरी धाम में 10 सीलिंग पंखे प्रदान कर और अपने हाथों से लगाकर और भी अनुकरणीय कार्य किया है। जिसकी सर्वत्र सराहना की गई और अब लगातार 17वीं उन्होंने रक्तदान कर पूरे मानव समुदाय के लिए एक प्रेरणादायी और अनुकरणीय कार्य किया है।
जिससे बेमेतरा नगर सहित अंचल गौरवान्वित हुआ है।
डाइट बेमेतरा में पदस्थ लेखापाल अमिंदर भारतीय एक सहज और सरल व्यक्तित्व के धनी है। उनका व्यक्तित्व ही सभी के लिए प्रेरणादायी है। वे कर्तव्यनिष्ठ और समय के पाबंद के श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में वे प्रतिदिन समय से आधा पूर्व पहुंचते हैं और सभी सदस्यों के जाने के बाद अंतिम में भी डाइट से प्रस्थान करते हैं। इसके अलावा वे सहयोगी प्रवृत्ति के भी हैं।


