बेमेतरा
नवीन पाठयपुस्तकों और नीति पर मंथन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 14 अप्रैल। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में एफएलएन एवं नवीन पाठ्य पुस्तक के चतुर्थ दिवस आज कला एवं अंग्रेजी विषय की हुई। जिसमें सहायक प्राध्यापक डाइट परसराम साहू एवं एसआरजी पवन कुमार देवांगन के द्वारा नवीन पाठ्य पुस्तक में अंतर पर चर्चा करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय ज्ञान परंपरा का सर्वांगीण विकास कैसे हो, पर दिया गया।
डीआरजी साकेत बिहारी के द्वारा नई पाठ्य पुस्तक का आमुखीकरण, एवं कक्षा शिक्षण में कैसे लागू किया जाए पर बात रखें। डीआरजी आशा चंदेल, यामिनी बर्मन के द्वारा अंग्रेजी विषय के परिचय, अंग्रेजी विषय में होने वाली कठिनाइयों, अप्रोच, ओरल डेवलपमेंट, वर्ड रिकॉग्नेशन, राइटिंग एवं रीडिंग पर बात रखी।
डीआरजी गिरिजा पटेल के द्वारा बहुभाषिता पर विस्तृत चर्चा की गई। डीआरजी खिलेंद्र कुमार साहू के द्वारा कला शिक्षा के उदेश्य को बताते हुए दृश्य कला , संगीतकला, नृत्य कला, रंगमंच पर बात रखते हुए डेमो करके बताया गया और समूह निर्धारण करके प्रशिक्षार्थियों के द्वारा भी प्रस्तुतीकरण करवाया गया जिसमें वाद्ययंत्र तबला, ढोलक, हारमोनियम, मंजीरा को बताते हुए पंथी, सुआ, करमा गीत की प्रस्तुति हुई। सत्र का समापन प्रशिक्षण प्रभारी जी एल खुटियारे के द्वारा सुंदर पंथी गीत के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर बीआरजी के रूप में खुशबू दुबे, अहिल्या कुंजाम, डोगेंद्र कुंजाम, सावित्री साहू, निखिल तिवारी, शांत कुमार पटेल, अम्बालिका पटेल, रमा तरार, ईश्वरी प्रसाद घृतलहरे, राधेश्याम बैस, शिखा चौबे, मन्नू लाल साहू, उद्धव साहू सहित सभी बीआरजी उपस्थित थे।


