बेमेतरा
बेमेतरा, 4 अप्रैल। सेवा सहकारी समिति उमरिया के तत्कालीन प्रबंधक लालाराम चंद्राकर के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी के आरोप में सिटी कोतवाली थाना में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (लोक सेवक द्वारा विश्वास का उल्लंघन) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। यह कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। पुलिस के अनुसार, ग्राम मरजादपुर निवासी किसान पतिराम निर्मलकर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपने ट्रैक्टर ऋण की बकाया राशि जमा करने के लिए समिति प्रबंधक को लगभग 2 लाख रुपये नगद दिए थे, लेकिन यह राशि संबंधित खाते में जमा नहीं की गई। पावती देकर ,खाते में नहीं डाली राशि-शिकायत के अनुसार, 23 मार्च 2023 को किसान ने प्रबंधक को राशि सौंपी थी। इसके बदले उन्हें संस्था की मोहर लगी पावती दी गई। बाद में बैंक शाखा से खाते का विवरण निकालने पर पता चला कि राशि जमा नहीं हुई है और ऋण बकाया बना हुआ है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि किसान के अनुसार उसकी जानकारी के बिना हस्ताक्षर कर राशि निकाले जाने की आशंका है।
मामला दर्ज
पीडि़त किसान पतिराम ने बताया कि न्याय की यह डगर आसान नहीं थी। वह पिछले तीन वर्षों से लगातार शासकीय कार्यालय और पुलिस थानों के चक्कर काटता रहा। जनवरी 25 को सक्षम अधिकारी की तरफ से सौंपी गई रिपोर्ट में लाला राम चंद्राकर को दोषी पाया था, लेकिन इसके बावजूद सवा साल तक एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी की जाती रही। अंतत: पीडि़ता ने थक-हारकर गृह मंत्री से लिखित शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया।


