बेमेतरा
आयुष और जिला चिकित्सालय का संयुक्त जागरूकता अभियान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 13 मार्च। ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता लाने आयुष विभाग एवं जिला चिकित्सालय द्वारा संयुक्त प्रयास से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने हेतु प्रेरित करने विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह जागरूकता अभियान
छत्तीसगढ़ शासन संचालनालय आयुष विभाग तथा राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत संचालित जिला चिकित्सालय बेमेतरा के एनसीडी क्लीनिक द्वारा आयुष विभाग के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता लाने संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। यह जागरूकता अभियान जिला कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. अमृत लाल रोहलेडर एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ वीणा मिश्रा के साथ सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू के मार्गदर्शन में व आयुष विभाग से डॉ. चिरंजीवी वर्मा आयुर्वेद चिकित्सक एवं विशेषज्ञ पंचकर्म के साथ योग एवं प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. भूमिका साहू के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है।
आज के समय में बदलती जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या, असंतुलित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, मोटापा, लीवर और किडनी से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। चिकित्सा विज्ञान में इन बीमारियों को गैर-संक्रामक रोग (छब्क्) कहा जाता है। ये बीमारियां धीरे-धीरे शरीर को प्रभावित करती हैं और समय रहते ध्यान न देने पर गंभीर रूप ले सकती हैं।
इसी उद्देश्य से एनसीडी क्लीनिक द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है ताकि वे छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज न करें और समय रहते अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें। जनवरी माह से अब तक पेंड्रितराई, जेवरा, मोहरेंगा, कुसुमी, वृद्धाश्रम बेमेतरा, कोबीया, पिकरी, विद्यानगर तथा मानपुर सहित विभिन्न स्थानों पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से ऐसे लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाई जा रही है जो किसी कारणवश अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते या अपनी छोटी समस्याओं को सामान्य समझकर अनदेखा कर देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गैस, एसिडिटी, अपच, थकान और सिरदर्द जैसी समस्याओं को यदि लगातार नजरअंदाज किया जाए तो आगे चलकर ये बड़ी बीमारियों का कारण बन सकती हैं।


