बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 27 फरवरी। प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत यह संकल्प बजट वास्तव में दूरदर्शी और जनकल्याणकारी है। लगभग 1.72 लाख करोड़ के इस ऐतिहासिक बजट में किसानों, महिलाओं, युवाओं, बेटियों, उद्योग, स्वास्थ्य और अधोसंरचना को समान रूप से प्राथमिकता दी गई है।
यह बजट सिर्फ अस्पताल बनाने का नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था खड़ी करने का है जिससे लोग बीमार ही न पड़ें ,यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।
स्वास्थ्य में उपचार से अधिक रोकथाम पर जोर
सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब फोकस ‘इलाज’ से आगे बढक़र ‘रोकथाम’ पर होगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ करने हेतु बड़े प्रावधान,पोषण, स्वच्छ पेयजल और टीकाकरण कार्यक्रमों के लिए विशेष बजट, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और एनीमिया मुक्त अभियान को गति, ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल हेल्थ यूनिट और स्क्रीनिंग व्यवस्था का विस्तार यह दृष्टिकोण बताता है कि सरकार बीमारी होने के बाद खर्च करने के बजाय, पहले ही रोकथाम की मजबूत नींव बना रही
महिला सशक्तिकरण को वास्तविक आधार
महिला स्व-सहायता समूहों के लिए वित्तीय सहायता,कौशल विकास और स्वरोजगार योजनाओं में वृद्धि,पोषण और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का विस्तार सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं की भागीदारी के बिना विकास अधूरा है।
युवाओं और उद्योग के लिए अवसर
स्टार्टअप और एमएसएमई सेक्टर के लिए विशेष प्रोत्साहन,कौशल विकास कार्यक्रमों में उल्लेखनीय वृद्धि,नए औद्योगिक क्षेत्रों और निवेश को बढ़ावा यह बजट रोजगार सृजन की मजबूत नींव रखता है।
अधोसंरचना में ऐतिहासिक निवेश
सडक़, पुल, बिजली और शहरी विकास के लिए बड़ा आवंटन,शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार के लिए विशेष निधि यह स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश को ‘विकसित राज्य’ बनाने का रोडमैप तैयार है।
प्रज्ञा निर्वाणी ने कहा यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है,सरकार ने यह सिद्ध किया है कि वह बीमारी के इलाज पर खर्च बढ़ाने के बजाय, बीमारी को जड़ से रोकने की नीति पर कार्य कर रही है यही सच्चा जनकल्याण है।


