बस्तर

बजट विकास का संकल्प पत्र-केदार कश्यप
25-Feb-2026 3:40 PM
बजट विकास का संकल्प पत्र-केदार कश्यप

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

जगदलपुर, 25 फरवरी। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026 का संकल्प थीम आधारित बजट बस्तर सहित पूरे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक, संतुलित और दूरदर्शी बताया गया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने इस जनोन्मुखी बजट के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे विकास का संकल्प-पत्र करार दिया है। मंत्री कश्यप ने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की उन्नति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता का स्पष्ट रोडमैप है। विशेष रूप से बस्तर अंचल के युवाओं, किसानों, आदिवासी समाज और दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोडऩे की ठोस सोच इसमें दिखाई देती है।

बस्तर के युवाओं को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी की स्थापना हेतु 100 करोड़ रुपये का निवेश स्वीकृत किया गया है, जिससे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मजबूत आधार तैयार होगा।

दूरस्थ गांवों तक इंटरनेट पहुंचाने के लिए बस्तरनेट परियोजना हेतु 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के लिए 10 करोड़ रुपये से बस्तर अंचल में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी और ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलेगी।

पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा

होम-स्टे नीति के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा। इससे स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार और आय के नए अवसर प्राप्त होंगे।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए एग्रो एवं फॉरेस्ट प्रोसेसिंग निवेश अनुदान हेतु 100 करोड़ रुपये तथा बकरी, सूकर और मधुमक्खी पालन के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

साथ ही वन सुरक्षा और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए फॉरेस्ट विभाग में 1000 नई भर्तियां की जाएंगी।

बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

दंतेवाड़ा सहित मेडिकल कॉलेज और जगदलपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के सुदृढ़ीकरण से क्षेत्रवासियों को उन्नत एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।

 

सडक़ और अधोसंरचना से विकास को गति

नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में सडक़ों एवं पुलों के निर्माण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इससे आवागमन, व्यापार और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कृषि विकास को गति देने के लिए इंद्रावती नदी पर मातनार एवं देउरगांव बैराज तथा 68 किमी नहर के लिए 2,024 करोड़ रुपये, महादेवघाट बैराज के लिए 100 करोड़ रुपये और मद्देमारका डायवर्जन योजना के लिए 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं से बस्तर की कृषि को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

बस्तर विकास प्राधिकरण को 75 करोड़

बस्तर विकास प्राधिकरण के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान क्षेत्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक होगा और विकास कार्यों में तेजी आएगी।


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