बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 24 जनवरी। बस्तर जिले की कमान संभालते ही नवपदस्थ कलेक्टर आकाश छिकारा ने प्रशासनिक अमले में नई ऊर्जा भरने और कार्यप्रणाली में बदलाव लाने जिले के अधिकारियों के साथ अपनी पहली परिचयात्मक बैठक में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि वे अपने कार्यों में गुणवत्ता और बेहतर प्रदर्शन करें।
कलेक्टर ने अधिकारियों को टीम भावना के साथ जिले के समग्र विकास हेतु प्रेरित करते हुए कहा कि बस्तर अन्य जिलों की तुलना में एक बेहतरीन और संभावनाओं वाला जिला है। यहाँ सेवा करने का जो अवसर और जिम्मेदारी मिली है, उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारी ऐसा कार्य करें जो लंबे समय तक बना रहे और एक मिसाल कायम करे। उनका मानना है कि जब अधिकारी अपने विभाग की बुनियादी समस्याओं को जड़ से दूर करते हैं, तो इससे न केवल प्रशासन सुदृढ़ होता है, बल्कि अधिकारी की स्वयं की छवि भी निखरती है। मैदानी स्तर पर प्रशासन की पकड़ मजबूत बनाने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर ने एक निरीक्षण रोस्टर लागू करने पर बल दिया। साथ ही हरेक ग्राम पंचायत के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाने कहा।
उन्होंने सभी अनुविभागीय दंडाधिकारियों को निर्देश दिए कि अब प्रत्येक एसडीएम को अनिवार्य रूप से प्रति सप्ताह दो-दो स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, सार्वजनिक उचित मूल्य की दुकान, छात्रावास और स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करना होगा। इसके अतिरिक्त सभी अधिकारियों को भ्रमण एवं विकास कार्यों के मॉनिटरिंग के लिए भी एक विशेष दिन निर्धारित करने को कहा गया है।
कलेक्टर ने बैठक में गणतंत्र दिवस समारोह, दलपत सागर दीपोत्सव और बस्तर पण्डुम के आयोजन हेतु चर्चा कर तैयारी पर ध्यान केंद्रीत किए जाने के निर्देश सर्व संबंधित अधिकारियों को दिए। वहीं विभागीय समीक्षा बैठकों में उन्होंने पूरी अद्यतन जानकारी और तैयारी के साथ उपस्थिति सुनिश्चित किए जाने कहा।
इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर सीपी बघेल, ऋषिकेश तिवारी और प्रवीण वर्मा, सहायक कलेक्टर विपिन दुबे सहित जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


