बस्तर

एनएमडीसी की वादाखिलाफी बर्दाश्त नहीं, मांगे जल्द पूरी की जाएं - सुशील मौर्य
22-Jan-2026 11:11 PM
एनएमडीसी की वादाखिलाफी बर्दाश्त नहीं, मांगे जल्द पूरी की जाएं - सुशील मौर्य

11 सूत्रीय मांगों पर कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

जगदलपुर, 22 जनवरी। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एनएमडीसी  की कथित वादाखिलाफी और 11 सूत्रीय मांगों को लेकर एनएमडीसी गेट के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।

धरने को संबोधित करते हुए शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि एनएमडीसी द्वारा लगभग 300 करोड़ रुपये की टेंडर प्रक्रिया में नियमों को नजरअंदाज करते हुए योग्य कंपनियों को बाहर किया गया तथा निविदा शर्तों में अचानक बदलाव कर एक विशेष कंपनी एफएसएनएल को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने पूर्व में एनएमडीसी के मुख्य विजिलेंस अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कांग्रेस ने इस विषय में शीघ्र जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग दोहराई।

सुशील मौर्य ने कहा कि बस्तर जिला पूर्णत: अनुसूचित क्षेत्र है और यहां आदिवासियों की बहुलता है।

ऐसे में स्थानीय निवासियों, विशेषकर युवाओं को सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कम से कम 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर मिल सकें और क्षेत्र का समुचित विकास हो।

उन्होंने एनएमडीसी से प्रभावित गांवों के विकास के लिए सीएसआर फंड के तहत पूर्व की तरह प्रत्येक प्रभावित गांव को नियमित रूप से राशि उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, सडक़, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़े कार्यों को बढ़ावा मिल सके।

कांग्रेस अध्यक्ष ने एनएमडीसी खनन से निकलने वाले दूषित लाल पानी और अपशिष्ट पदार्थ को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नगरनार क्षेत्र के आसपास के गांवों और नदियों में यह दूषित पानी मिल रहा है, जिससे खेतों की मिट्टी और जल स्रोत जहरीले हो रहे हैं। इसके कारण खेती और पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि एनएमडीसी द्वारा घोषित ‘जीरो डिस्चार्ज’ नीति का पालन नहीं किया जा रहा है। अपशिष्ट जल के उपचार और उसके पुन: उपयोग के लिए कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आ रही, जिससे किसानों और पर्यावरण को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। कांग्रेस ने मांग की कि अपशिष्ट और जहरीला पानी ग्रामीण क्षेत्रों में छोड़ा जाना तुरंत बंद किया जाए।

इसके अलावा कांग्रेस ने मांग की कि कोपागुड़ा (खुटपदर) में प्रस्तावित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण तक डिमरापाल में बन रहे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एनएमडीसी कर्मचारियों के साथ-साथ एनएमडीसी से प्रभावित गांवों के लोगों को भी प्राथमिकता के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार के अवसर दिए जाएं। साथ ही कोपागुड़ा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का शीघ्र निर्माण कराया जाए।

धरने में यह मांग भी रखी गई कि एनएमडीसी बस्तर के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवासीय विद्यालयों का निर्माण करे, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक बेहतर शिक्षा पहुंच सके।

 

धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।


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