बस्तर

उधारी रकम न देने की हत्या, 3 गिरफ्तार
12-Jul-2022 9:45 PM
उधारी रकम न देने की हत्या, 3 गिरफ्तार

6 दिन पहले पामेला पुलिया  में मिली थी लाश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर,  12 जुलाई।
थाना परपा अंतर्गत 6 दिन पहले ग्राम पामेला में मिले अज्ञात शव  और हत्या की गुत्थी को सुलझाने में बस्तर पुलिस को सफलता मिली है। उधारी रकम की वापसी न करने से 3 आरोपियों ने मिलकर ग्रामीण की हत्या की थी।

पुलिस के अनुसार6 जुलाई को पामेला पारा पुलिया के नीचे एक अज्ञात पुरूष का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। जिस पर थाना परपा में मर्ग पंजीबद्ध कर जांच पर लिया गया था। मामले में घटना स्थल निरीक्षण, परिस्थिति जन्य साक्ष्य एवं विशेषज्ञों की राय से मृतक की मृत्यु में हत्या का अपराध घटित होना पाये जाने से मामले में 302, 201, भादवि. (हत्या) का अपराध थाना परपा में पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

प्रकरण में उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा, अति. पुलिस अधीक्षक, ओम प्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) केशलुर, ऐश्वर्य चन्द्राकर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी परपा धनंजय सिन्हा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर जांच प्रारंभ की गई। प्रकरण में मृतक की पहचान मासो पोयामी निवासी ग्राम डोंगरीपारा के रूप में हुई है।  

जांच में पाया गया कि मासो पोयामी के नाम से मासो, राधेश्याम और सनकु कवासी ने  13 लाख रूपये केसीसी लोन लिया था, जिसमें से राधेश्याम राणा एवं  सनकु कवासी दोनों को  2 -2  लाख रुपये उधार में दिया था।

इसी उधारी रकम की मांग मासो पोयामी द्वारा राधेश्याम राणा, और सनकु कवासी से करने पर दोनों ने योजनाबद्ध तरीके से मासो पोयामी  को 5 एवं 6 जुलाई की दरमियानी रात पंडरीपानी में बुलाकर शराब  पिलाए, फिर,  राधेश्याम राणा, सनकू कवासी ने मासो पोयामी का गला घोटकर हत्या कर दी और राधेश्याम, सनकू कवासी और कमलेश कश्यप ने शव को छिपाने ग्राम पामेला के पुलिया के नीचे फेंक दिया।  

संदेह के आधार पर राधेश्याम राणा, सनकु कवासी एवं कमलेश कश्यप को पकड़ा गया, जिनसे पूछताछ पर तीनों संदेहियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। आरोपी राधेश्याम राणा उर्फ राधे (28) छिन्दावाड़ा थाना दरभा, जिला बस्तर, सनकु कवासी (35) कटेनार, चौकी पखनार,  जिला बस्तर व कमलेश कश्यप (40) पंडरीपानी, थाना परपा  जिला बस्तर को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर न्यायालय तत्पश्चात जेल भेजा गया है।


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