बस्तर
दैनिक मजदूरी में रखे ऑपरेटर से मांगा स्पष्टीकरण
नरेश देवांगन
जगदलपुर (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता),10 जुलाई। राज्य शासन द्वारा आंगनबाड़ी बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, वहीं विभाग के जवाबदार अधिकारी के द्वारा बच्चों को मिलने वाली रेड्डी टू ईट की कालाबाजारी कर जानवरों को खिलाने के लिए बेच रहे हैं।
ताजा मामला कोंडागांव जिला मुख्यालय से महज 32 किलोमीटर दूर स्थित बाल विकास परियोजना माकड़ी में 135 बोरी रेड्डी टू ईट बाहरी व्यक्ति को बेचने का मामला सामने आया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार माह जून में रेड्डी टू ईट 1849 प्राप्त हुआ था। जिसे परियोजना के गोदाम में ना रखकर गोदाम से दूर एक निजी परिसर को किराये पर लेकर रेड्डी टू ईट को रखा गया, वहीं से समूह को 1609 बोरी वितरण किया गया, जिसके बाद गोदाम में 240 बोरी बचना चाहिए था, लेकिन गिनती करने पर मात्र 105 बोरी स्टॉक में दिखाई दिया, बाकि 135 बोरी गायब।
विभाग के सूत्र बताते है कि रेड्डी टू ईट की कालाबाजारी करने वाले कोई और नहीं विभाग के तीन ऑपरेटर व विभाग के जवाबदार लोग शामिल हैं। मामला प्रकाश में आने के बाद विभागीय अधिकारी इस पर पर्दा डालने की कोशिश में लग गए हैं। जब इस बात की जानकारी मीडिया को लगी तो आनन-फानन एक माह बीत जाने के बाद जिले के अधिकारी ने माकड़ी के परियोजना अधिकारी को जांच करने के लिए एक नोटिस जारी कर दी।
परियोजना अधिकारी की भूमिका संदिग्ध
रेड्डी टू ईट की कालाबाजारी में जिला परियोजना अधिकारी संजय पोटाई की भूमिका भी संदेह के दायरे में आ गई है। गौर करने वाली बात यह है कि जिले की आंगनबाड़ी केन्द्रों में हितग्राहियों को दिए जाने वाले रेडी-टू-ईट पूरक पोषण आहार के मॉनीटरिंग की जवाबदारी इनकी होती है, परंतु इन्होंने यह जानते हुए किसी भी आंगनबाड़ी केन्द्रों में यह जानने की कोशिश नहीं की कि माह जून में आवंटित किए गए राशन को किन हितग्राहियों के बीच बांटा गया है ओर उन्हें पूरा राशन मिला या नहीं। इसकी जानकारी तक नहीं ली गई।
पूरे मामले में परियोजना अधिकारी संजय पोटाई का कहना है कि विभाग में एक दैनिक मजदूरी में ऑपरेटर तुलाराम नाग है, जिसके द्वारा बेचे जाने की सूचना मिली थी, जिस पर मैंने उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा था। हमारे पास गोदाम खाली नहीं था, इसलिए किराए पर हमने लेकर वहां पर रेडी टू ईट की बोरियां रखवाई थी। इस मामले पर मुझे पता चला कि जिस व्यक्ति के पास बेचा गया था तो मैंने स्वयं वहां पर जाकर पता किया तो पता चला कि वह माकड़ी निवासी रवि नाग नामक एक व्यापारी है जिसके पास कुछ बोरियों की बिक्री की गई थी, यह बात उक्त व्यक्ति ने स्वीकार भी किया।
इस मामले मे प्रभारी जिला कोंडागांव जिला कार्यक्रम अधिकारी एच आर राणा का कहना है कि मेरी जानकारी में आया था तो मैंने सभी सीडीपीओ को यहां पर बुलाया था और सभी सीडीपीओ को समझाइश देते हुए मकड़ी का जो प्रकरण है, उसमें जांच करने के लिए सीडीपीओ को बोला और उसमें जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई कर सूचित करने के लिए बोला गया है और इसमें कोई दोषी पाया जाता है तो उसके ऊपर एफआईआर होगी, क्योंकि जब रेडी टू ईट आने वाला था, तब सभी को गोदाम साफ करने को कहा गया था कि उसमें रेडी टू ईट रखना है, उसके बावजूद भी यह बाहर में रखे थे, जिसकी सूचना जिला कार्यालय में नहीं दिए थे।


