बस्तर

बस्तर को विकास की राहों में लेकर चलना है - रेखचंद
27-Mar-2022 10:14 PM
बस्तर को विकास की राहों में लेकर चलना है - रेखचंद

जननायक वीर गुण्डाधुर की स्मृति में आयोजन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 27 मार्च।
जगदलपुर विधायक व संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि भूमकाल विद्रोह के जननायक वीर गुंडाधुर के बस्तर को विकास की राहों में लेकर चलना है। राज्य सरकार ने बस्तर के विकास हेतु कई जनकल्याणकारी निर्णय लेकर योजनाओं का क्रियान्वयन किया है।
 
रेखचंद जैन ने रविवार नेतानार में आयोजित जननायक वीर गुण्डाधुर की स्मृति में आभार आयोजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आगे कहा कि अग्रेजों के शासन काल में बस्तर जैसे जगह से 1910 में अंग्रेजों के खिलाफ़ विद्रोह करना और विद्रोह के प्रसार के लिए आम की टहनी, हरी मिर्च का उपयोग करने वाले वीर गुंडाधुर के नाम राज्य सरकार द्वारा जगदलपुर स्थित कृषि कॉलेज और नव स्थापित तीरंदाज़ी अकादमी का नाम शहीद वीर गुंडाधूर का रखा गया है।

संसदीय सचिव श्री जैन ने कहा कि धुरवा समाज सहित बस्तर संभाग के सर्व आदिवासी समाज ने बस्तर के विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया है वो सराहनीय है। उन्होंने इस अवसर पर नेतानार स्कूल में कक्षा 12वीं की कक्षाएँ प्रारम्भ करवाने हेतु ग्रामीणों की माँग के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा करने का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम को जिपं अध्यक्ष वेदवती कश्यप, नगर निगम सभापति कविता कश्यप, पूर्व विधायक अन्तुराम कश्यप ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप, धुरवा, भतरा, हल्बा, कोया समाज के प्रतिनिधि, आदिम जाति रिसर्च एवं प्रशिक्षण संस्थान रायपुर के अपर संचालक  एके गढ़ेवाल, उपायुक्त आदिवासी विकास विभाग विवेक दलेला, उप संचालक दुबे सहित अन्य अधिकारी और समाजों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नवा रायपुर एवं बस्तर जिला प्रशासन द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर बस्तर जिले के ग्राम नेतानार में भूमकाल विद्रोह के जननायक वीर गुण्डाधूर की स्मृति में उनके स्मारक स्थल पर आभार आयोजन का कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों और समाज प्रमुखों के द्वारा भूमकाल विद्रोह के जननायक वीर गुण्डाधुर की मूर्ति पर माल्यार्पण कर किया गया।

आभार कार्यक्रम में वीर गुण्डाधूर के वंशजों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छ: जगहों के नर्तक दलों द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी गई।

कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में वीर गुण्डाधूर के योगदान पर परिचर्चा एवं वीर गुण्डाधूर के जीवन पर आधारित लघु पुस्तिका (बुकलेट) का वितरण तथा वीर गुण्डाधुर के योगदान को समर्पित नाटक का मंचन भी किया गया।


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