बलरामपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलरामपुर, 22 मई। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा देशभर में संचालित पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत बलरामपुर जिले से लगातार महत्वपूर्ण पांडुलिपियों की जानकारी सामने आ रही है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पांडुलिपियों के संरक्षकों द्वारा स्वप्रेरणा से प्रशासन को सूचना दी जा रही है, जिनका प्रशिक्षित सर्वेयरों द्वारा दस्तावेजीकरण एवं ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है।
इसी क्रम में रामानुजगंज निवासी रामेश्वर प्रसाद गुप्ता , पता -मध्य बाजार के पास दुर्लभ पांडुलिपि पाई गई। गुरुवार को पांडुलिपि को देखने बलरामपुर नोडल रामपथ यादव के साथ , सहायक नोडल संजय कुमार गुप्ता , जिला ग्रन्थपाल राजकुमार शर्मा गुप्ता परिवार के घर पहुंचे।
पांडुलिपियों के संरक्षक रामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने अपने पूर्वजों की धरोहर पांडुलिपि की जानकारी देते हुए बताया कि इसमे शारदा माता का भक्ति का वर्णन , रामानुजगंज की कन्हर नदी में बाढ़ का वर्णन, भैरवी , द्रोपदी का विनय, गजल , दोहा ,चौगोला , दादरा , ईश्वर प्रार्थना इत्यादि सभी विषयों के बारे में लिखा गया हैं , साथ ही इसमें वंश वृक्ष को भी चित्रित किया गया हैं। गुप्ता जी के अनुसार ये पांडुलिपि 96 वर्ष पूर्व इनके दादाजी लक्ष्मी प्रसाद रौनियार ने लिखी थी ।
नोडल रामपथ ने कहा कि ज्ञानभारतम अभियान भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, लोक संस्कृति, पांडुलिपियों, पुरातात्त्विक धरोहरों एवं जनजातीय विरासत के संरक्षण और संवर्धन का एक महत्वपूर्ण अभियान है ।
एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया जगदलपुर से आए सरगुजा के प्रभारी अधिकारी हरनेक सिंह ने पांडुलिपियों को अपलोड करने का कार्य किया। गुप्ता परिवार द्वारा सहेजकर रखी गई पांडुलिपी में हस्तलिपि की सुंदरता व विशिष्टता आश्चर्य चकित करने वाली है।


