बलरामपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रामानुजगंज, 22 मई। छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोडऩे वाले कन्हर नदी अंतरराज्यीय पुल पर इन दिनों प्रतिदिन भीषण जाम की स्थिति बन रही है। वर्ष 1982 में निर्मित यह पुल पिछले 44 वर्षों से दोनों राज्यों के बीच आवागमन का प्रमुख माध्यम है, लेकिन बढ़ते यातायात और अव्यवस्थित जांच व्यवस्था के कारण यहां लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों दोपहिया, चारपहिया वाहन, यात्री बसें और मालवाहक वाहन गुजरते हैं। सुबह से लेकर देर रात तक पुल पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। सबसे अधिक परेशानी मरीजों को उठानी पड़ रही है। एम्बुलेंस भी जाम में फंस जाती हैं, जिससे गंभीर मरीजों की स्थिति बिगडऩे की घटनाएं सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के आसपास वन विभाग, खाद्य विभाग, खनिज विभाग, मंडी विभाग, आबकारी विभाग सहित कई विभागों की अलग-अलग जांच चौकियां संचालित हैं। वाहनों के दस्तावेज और माल की जांच में अधिक समय लगने के कारण जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है। लोगों ने सुझाव दिया है कि सभी विभागों की संयुक्त जांच व्यवस्था पुल से दूर किसी वैकल्पिक स्थान या रिंग रोड पर की जाए, ताकि पुल पर यातायात का दबाव कम हो सके।
जाम के कारण बस संचालकों और यात्रियों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर बसों का परिचालन नहीं हो पा रहा है, जिससे यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है। कई बार बस कर्मचारियों के बीच विवाद और हाथापाई की स्थिति भी बन जाती है। वहीं रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्री भी जाम के चलते ट्रेन छूटने से परेशान हैं।
इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अरविंद दुबे ने स्थानीय प्रशासन के माध्यम से राज्य शासन को ज्ञापन सौंपकर कन्हर नदी पुल को जाम की समस्या से स्थायी मुक्ति दिलाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो क्षेत्र की जनता का धैर्य टूट सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


