बलरामपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजपुर,3 फरवरी। भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों के जनपद पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण-सह-अध्ययन भ्रमण गुजरात राज्य में आयोजित किया गया। यह भ्रमण 29 जनवरी से 3 फरवरी तक चला, जबकि 4 फरवरी को दल की छत्तीसगढ़ वापसी निर्धारित है।
भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने गुजरात की ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत स्तर पर किए जा रहे नवाचारों और प्रभावी विकास कार्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। अध्ययन भ्रमण की शुरुआत राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड एवं आनंद जिले की अमूल डेयरी से हुई, जहां दुग्ध संग्रहण प्रणाली और कृषकों की भागीदारी की प्रक्रिया को समझा गया।
इसके पश्चात वडोदरा जिले की दुमाड़ ग्राम पंचायत का दौरा किया गया, जहां ऑन-सोर्स रेवेन्यू के माध्यम से संपत्ति कर, जल कर, प्रकाश कर, व्यवसाय कर तथा सीएसआर फंड के प्रभावी उपयोग से गांव के समग्र विकास के मॉडल का अध्ययन किया गया। महिला सशक्तिकरण, मॉडल आंगनबाड़ी और स्वयं के संसाधनों से संचालित योजनाएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
देवभूमि द्वारिका जिले में नागेश्वर एवं गोरियाली ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों से संवाद के दौरान राजस्व संग्रह, ग्राम पंचायत विकास योजना, 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग तथा पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला पंचायत स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी ए.बी. पोनदोर (आईएएस) के साथ बैठक में जिला पंचायत विकास योजना निर्माण की प्रक्रिया का अध्ययन किया गया। यह अध्ययन भ्रमण पंचायत संचालनालय एवं ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, निमोरा द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें गुजरात सरकार के अधिकारियों के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


