बलरामपुर
भाजपा ने सराहा, कांग्रेस ने कहा निराशाजनक
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजपुर,1 फरवरी। देश में पहली बार रविवार को आम बजट प्रस्तुत किया गया। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सुबह 11 बजे संसद में देश का 89वां तथा अपना नौवां आम बजट पेश करते हुए राष्ट्र को संबोधित किया। बजट प्रस्तुति के अवसर पर राजपुर जनपद पंचायत के सभागार में प्रोजेक्टर के माध्यम से बजट का सीधा प्रसारण देखा गया। बजट पेश होने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
भाजपा जिला महामंत्री संजय सिंह ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 देश की समग्र आर्थिक मजबूती, सामाजिक संतुलन और विकासशील भारत की स्पष्ट झलक प्रस्तुत करता है।
इस बजट में किसान, युवा, महिला, श्रमिक और मध्यम वर्ग के हितों को प्राथमिकता दी गई है। बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा व स्वास्थ्य में निवेश, रोजगार सृजन तथा डिजिटल एवं हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रावधान सराहनीय हैं। यह बजट आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और मजबूत करते हुए ग्रामीण और शहरी विकास के बीच संतुलन स्थापित करता है। कुल मिलाकर बजट 2026 समावेशी विकास और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक दूरदर्शी बजट है।
जनपद अध्यक्ष विनय भगत ने इसे ऐतिहासिक बजट बताते हुए कहा कि इसमें आम जनता और मध्यम वर्ग के लिए राहतों का पिटारा खोला गया है। वित्तमंत्री ने स्वास्थ्य, तकनीकी शिक्षा और हरित ऊर्जा को प्राथमिकता दी है, जिसे आम जनता सराह रही है।
वहीं कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने बजट की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह कॉरपोरेट और क्रूर बजट है, जिसमें अदाणी जैसे बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ के गरीबों, किसानों, छात्रों, युवाओं और आदिवासियों को शून्य राहत मिली है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं दी गई और प्रधानमंत्री किसान योजना में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि माइनिंग कॉरिडोर और क्रिटिकल मिनरल्स के नाम पर हसदेव अरण्य, बस्तर और सरगुजा की जमीन-जंगल व संसाधनों को कॉरपोरेट घरानों के हवाले करने की साजिश की जा रही है। यह बजट विकसित भारत का नहीं, बल्कि कॉरपोरेट इंडिया का बजट है।
जनपद उपाध्यक्ष आकाश अग्रवाल ने बजट को ग्रामीण विकास के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में ग्रामीण क्षेत्र के लिए 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत 1.4 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का चहुंमुखी विकास होगा।
साथ ही बुनियादी ढांचे के लिए अधिक राशि का प्रावधान देश के विकास की दिशा में मजबूत कदम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया।
ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि हमेशा की तरह इस बजट में मध्यमवर्ग को ठगा गया है। चुनावी राज्यों को छोडक़र अन्य राज्यों की अनदेखी साफ नजर आती है। राशन और गैस जैसी जरूरी वस्तुओं के दाम कम करने के बजाय बढ़ाए गए हैं। छत्तीसगढ़ को हवाई और रेल सुविधाओं से वंचित रखा गया है तथा आयकर नियमों में भी कोई राहत नहीं दी गई।
नगर पंचायत वार्ड क्रमांक 06 के पार्षद विश्वास गुप्ता ने कहा कि बजट में आम आदमी, छोटे किसानों और निम्न मध्यम वर्ग की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए ठोस प्रावधान नहीं हैं। महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों पर यह बजट निराश करता है।
वहीं नगर पंचायत वार्ड क्रमांक 08 के पार्षद राजन त्रिपाठी ने बजट को पूरी तरह दिशाहीन बताया। उन्होंने कहा कि पहले की तरह इस बार भी मध्यवर्ग को ठगा गया है और बजट के नाम पर केवल लीपापोती कर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया गया है।
कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026 को लेकर राजपुर में सत्तापक्ष और विपक्ष की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं।


