बलरामपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजपुर,2 फरवरी। अनुसूचित जनजाति की भूमि से जुड़े एक गंभीर राजस्व फर्जीवाड़े का मामला राजपुर क्षेत्र से सामने आया है। ग्राम पंचायत कोदौरा के ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजपुर को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि कुछ दबंगों ने तत्कालीन तहसीलदार एवं हल्का पटवारी की मिलीभगत से राजस्व अभिलेखों में अवैध रूप से अपने नाम दर्ज करा लिया।
शिकायत पत्र के अनुसार ग्राम कोदौरा निवासी रामसुरत कोड़ाकू की पारिवारिक भूमि खसरा नंबर 394/2 एवं 394/12 को लगभग 15 वर्ष पूर्व आर्थिक तंगी के कारण खेती के उद्देश्य से अजय गुप्ता को अस्थायी रूप से दिया गया था। आरोप है कि अब अजय गुप्ता द्वारा उक्त भूमि पर मकान निर्माण कर अवैध कब्जा कर लिया गया है। भूमि वापस मांगने पर मारपीट एवं झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त भूमि अनुसूचित जनजाति के स्वामित्व की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि खसरा नंबर 394/11 (रकबा 0.995 हेक्टेयर) को तत्कालीन तहसीलदार सालिक राम गुप्ता एवं हल्का पटवारी अजेन्द्र टोप्पो की मिलीभगत से अजय गुप्ता के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करा दिया गया। इसी प्रकार धर्मेन्द्र गुप्ता द्वारा कोड़ाकू समाज के रामखेलावन की भूमि तथा सरिता देवी द्वारा बाबूलाल कोड़ाकू की भूमि को सह-खातेदार के रूप में अपने नाम दर्ज कराए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अजय गुप्ता, धर्मेन्द्र गुप्ता, सरिता देवी एवं अन्य कथित आरोपियों द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे पूरा गांव भय और तनाव के माहौल में जीने को मजबूर है। आवेदकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए, राजस्व अभिलेखों में की गई कथित छेड़छाड़ की जांच कर वास्तविक भू-स्वामियों के नाम पुन: दर्ज किए जाएं तथा अवैध रूप से कब्जाई गई भूमि तत्काल वापस दिलाई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वे चक्काजाम करने को बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी ग्राम कोदौरा में भूमि फर्जीवाड़े का मामला सामने आ चुका है, जिसमें आपराधिक प्रकरण दर्ज कर तत्कालीन पटवारी सहित एक आरोपी को जेल भेजा गया था।
इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजपुर देवेंद्र प्रधान ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराकर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले को लेकर तत्कालीन तहसीलदार सालिक राम गुप्ता ने कहा कि इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है,एसडीएम सर के द्वारा जो भी मामला होगा जांच करेंगे।


