बलौदा बाजार
एक माह या उससे अधिक समय तक गैर हाजिरी पर होगी सर्विस ब्रेक व पूर्व सेवा शून्य
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 11 जून। बिना पूर्व सूचना के लंबी छुट्टी पर जाने या ड्यूटी से लगातार नदारद रहने वाल वाले सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ अब शिक्षा विभाग सख्त रूख अपने जा रहा हैं। छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय ने ऐसे मामलों में कड़ी विभागीय कार्यवाई के निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के अनुसार बिना अनुमति लंबे समय तक अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ केवल निलंबन ही नहीं बल्कि सेवा से पृथक्करण और बर्खास्तगी जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकेगी।
संचालनालय द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया कि जो शिक्षक अथवा कर्मचारी एक माह या उससे अधिक समय से बिना किसी वैध अनुमति के अनुपस्थित है उनकी अनुपस्थिति की अवधि को सेवा में व्यवधान ब्रेक इन सर्विस माना जाएगा।इसका सीधा प्रभाव उसकी अब तक की शासकीय सेवा पर पड़ेगा।
नियमों के तहत सेवा में व्यवधान की स्थिति में कर्मचारियों की पुरुष सेवानिवृत्त संबंधी जा सकती हैं, जिससे पेंशन, ग्रेच्युटी तथा अन्य सेवा निर्मित सेवा निर्मित संबंधित लाभों पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कर्मचारियों को अनुपस्थित अवधि के लिए किसी प्रकार का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। संबंधित शिक्षा या कर्मचारियों के निवास तथा ज्ञात पते पर नोटिस भेजा जाएगा। नोटिस प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि उनकी अनुपस्थिति को सेवा में व्यवधान क्यों न माना जाए पेंशन संबंधित लाभों पर रोक क्यों ना लगाई जाए
जिले में 6942 शिक्षक नियमित अनुपस्थिति पर फोकस
जिले में वर्तमान में कुल 6942 शिक्षक विभिन्न प्राथमिक, माध्यमिक हाई स्कूल एवं हाई सेकेंडरी विद्यालयों में पदस्थ हैं। शिक्षा विभाग के सामने इन शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना एक बड़ी जिम्मेदारी हैं। संचालनालय के नए निर्देशों के बाद अब जिले में लंबे समय से बिना सूचना अनुपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों की विशेष समीक्षा की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि शिक्षकों की अनुपस्थिति का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड़ता हैं। ऐसे में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कार्यवाई ना की तो अफसर पर भी गिर सकती है गाज
संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कार्यालय प्रमुख प्राचार्य विकासखंड शिक्षा अधिकारी अथवा अन्य पर्यवेक्षणिया अधिकारी ऐसे मामलों में लापरवाही बरतते है या निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी संभागीय संयुक्त संचालकों तथा जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे शिक्षकों और कर्मचारियों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नहीं तो उन पर कार्रवाई होगी।
संचालनालय के निर्देशों का पालन होगा डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती ने कहा कि लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशों का जिले में गंभीरता से पालन कराया जाएगा। लंबे समय से बिना सूचना अनुपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों की जानकारी संकलित कर समीक्षा की जा रही हैं। नियमों के अनुसार नोटिस जारी कर आवश्यक विभाग की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कड़ी कार्रवाई होगी।


