बलौदा बाजार

सीमेंट प्लांट के कन्वेयर बेल्ट में लगी आग
05-Jun-2026 5:55 PM
सीमेंट प्लांट के कन्वेयर बेल्ट में लगी आग

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बलौदाबाजार, 5 जून।
श्री रायपुर सीमेंट संयंत्र खपराडीह के प्रीहीटर के चौथा फ्लोर पर स्थित सैक्रिफाइस कन्वेयर बेल्ट में अचानक आग लग गई। आग लगने के बाद प्रीहीटर से उठता काले धुएं का घना गुबार कई किलोमीटर तक दूर तक दिखाई दिया।

प्रत्याशियों के अनुसार बुधवार को प्रीहीटर के ऊपर हिस्से से उठती लपटे और काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। कई ग्रामीणों ने इस दुर्घटना के वीडियो और फोटो दोनों मोबाइल में कैद किए। जानकारी के अनुसार जिस कन्वेयर बेल्ट में आग लगी, उसके माध्यम से राइस हस्क भूसा तथा अन्य रिजेक्ट एवं वेस्ट मटेरियल किल्न तक पहुंचाए जाते हैं।

इसका उपयोग संयंत्र में ईंधन के रूप में किया जाता हैं। आग लगने की घटना इसी कन्वेयर सिस्टम में हुई, जिससे कुछ समय के लिए संयंत्र परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई। घटना के दौरान कर्मचारियों और श्रमिकों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल रहा, हालांकि किसी भी प्रकार की जनहानि या घायल होने की सूचना नहीं हैं।

तकनीकी खराबी बताई वजह
संयंत्र प्रबंधन हुकुमचंद गुप्ता ने बताया कि कंट्रोल एयर लाइन में लीकेज होने के कारण सिस्टम प्रेसराइज हो गया था, जिससे सैक्रिफाइस कन्वेयर में आग लग गई। उन्होंने कहा कि अग्निशमन दल और तकनीकी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आग पर नियंत्रण पा लिय लिया। घटना के कारण प्लांट लगभग 10 से 12 मिनट तक बंद रहा, जिसके बाद उत्पादन कार्य पुन: सामान्य रूप से शुरू किया गया। वर्तमान में प्लांट पूरी तरह संचालित हो रहा हैं।

नेताओं ने की जांच की मांग
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सुहेला के अध्यक्ष भानुप्रताप वर्मा ने कहा कि संयंत्र प्रबंधन को इस घटना को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूर-दूर तक दिखाई देने वाला धुआं का गुबार यह दर्शाता है कि घटना को सामान्य नहीं माना जा सकता। श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पूर्व ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र वर्मा ने कहा कि यदि तकनीकी खामी के कारण आग लगी है तो इसकी विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने भविष्य में ऐसी दुर्घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की हैं।
 वहीं सुहेला मंडल अध्यक्ष गजेंद्र वर्मा का कहना है कि घटना से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ी हैं। उन्होंने संयंत्र प्रबंधन से घटना की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने और सुरक्षा और अग्निशमन यंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने की मांग की।

श्रम विभाग का पक्ष नहीं मिला
घटना को लेकर श्रम विभाग का पक्ष जानने के लिए डिप्टी कमिश्नर लेबर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। उनके मोबाइल पर कई बार कॉल किया किंतु उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
 स्थानीय नागरिकों और श्रमिकों ने आग लगने की वास्तविक कारणों  की तकनीकी जांच कराने तथा सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों में इस प्रकार की घटनाएं श्रमिक सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करती हैं। हालांकि संयंत्र प्रबंधन के अनुसार आग पर कुछ ही मिनट में नियंत्रण पा लिया गया।
 


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