बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 31 मई। बढ़ते डिजिटल अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए बलौदाबाजार जिला पुलिस ने एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिस ने आम नागरिकों को ठगी से बचाने के लिए ‘सजगता, सतर्कता और सावधानी’ के तीन सूत्रों पर आधारित एक विशेष पोस्टर जारी किया है।
पुलिस ने नागरिकों को आगाह करते हुए बताया कि साइबर अपराधी ठगी के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं- फर्जी बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना और केवाईसी अपडेट के नाम पर जानकारी मांगना। बिजली बिल भुगतान, लॉटरी, पार्ट-टाइम जॉब और क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा देना। खुद को सीबीआई , पुलिस या ईडी का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाना और जबरन पैसे ट्रांसफर करवाना। सोशल मीडिया पर फर्जी दोस्ती के जरिए जाल में फंसाना।
बचाव के 3 बड़े सूत्र (पुलिस की सलाह)
डिजिटल दौर में अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस ने निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं-
1. गोपनीयता बनाए रखें- किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक डिटेल साझा न करें। बैंक अधिकारी कभी भी फोन पर ऐसी जानकारियां नहीं मांगते।
2. संदिग्ध लिंक से बचें- मोबाइल या ईमेल पर आने वाले किसी भी अज्ञात या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
3. ऐप डाउनलोड करने में सावधानी- किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने मोबाइल में च््रठ्ठ4ष्ठद्गह्यद्मज् या च्ञ्जद्गड्डद्वङ्कद्बद्ग2द्गह्म्ज् जैसे रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल न करें, इससे आपके फोन का नियंत्रण ठगों के पास चला जाता है।
ठगी होने पर क्या करें?
यदि कोई व्यक्ति साइबर फ्र ॉड का शिकार हो जाता है, तो उसे घबराने की बजाय तत्काल ये कदम उठाने चाहिए:
तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर घटना की जानकारी दें। आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। अपने संबंधित बैंक को तुरंत सूचित कर अपने खाते और यूपीआई सेवाओं को ब्लॉक करवाएं, ताकि पैसे के आगे ट्रांसफर को रोका जा सके।


