बलौदा बाजार
बुजुर्ग ने एसडीएम से की शिकायत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 26 मई। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पलारी तहसील के अंतर्गत ग्राम गिर्रा में आबादी भूमि पर बने एक पुराने मकान को ढहाने और उसके बाद उस जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। पीडि़त बुजुर्ग ने इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) पलारी को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
ग्राम गिर्रा निवासी आशाराम वर्मा (पिता मोती राम वर्मा) द्वारा 7 मई 2026 को पलारी एसडीएम कार्यालय में सौंपे गए आवेदन (आवक क्रमांक 6751/26) के अनुसार, वे ग्राम गिर्रा के खसरा नंबर 49/4 (रकबा 0.057 हेक्टेयर) स्थित आबादी भूमि पर पिछले लगभग 45 वर्षों से कोठार बनाकर निवास कर रहे थे।
शिकायतकर्ता आशाराम वर्मा का आरोप है कि 14 दिसंबर 2025 को बस्ती पंचायत द्वारा उनके मकान को अतिक्रमण बताते हुए गिरा दिया गया। पीडि़त का कहना है कि वर्ष 2007-08 में गांव के लोगों को आबादी भूमि का वितरण किया गया था, लेकिन इसके 18 साल बाद अचानक बिना किसी पूर्व सूचना या पंचायत से कोई ठोस प्रस्ताव पारित किए उनका मकान तोड़ दिया गया। पीडि़त के अनुसार, जब उन्होंने इस संबंध में सरपंच से चर्चा की तो उन्हें बताया गया कि जमीन पर तोडफ़ोड़ नहीं करने का प्रस्ताव तहसील कार्यालय भेजा गया था, इसके बावजूद यह कार्रवाई की गई।
बुजुर्ग ने शिकायत में यह भी बताया कि मकान टूटने के बाद उन्होंने अपने मवेशियों के चारे और लकडिय़ों की सुरक्षा के लिए उक्त स्थान पर एक घेरा बना लिया था। आरोप है कि 3 मई 2026 को गांव के ही राजाराम यादव, पुरुषोत्तम यादव और रमेश फेकर नामक व्यक्तियों ने जेसीबी मशीन लाकर उनके सामान और घेरे को हटा दिया तथा वहां तार फेंसिंग कर जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया।
पीडि़त आशाराम वर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि उक्त आबादी भूमि पर किए गए अवैध तार घेराव को तत्काल हटाया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कर उनके साथ अन्याय करने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए।


